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स्वास्थ्य विभाग अलर्ट: सोलन में टीबी नियंत्रण के लिए घर-घर जाकर होगी जांच
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्वास्थ्य विभाग ने क्षय रोग (टीबी) की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर गंभीर रुख अपनाया है, जिसके तहत अब घर-घर जाकर मरीजों की पहचान की जाएगी।
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Ankit Yadav
28 अग 2026, 16:33
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्वास्थ्य महकमे ने टीबी जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन और नियंत्रण के लिए अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। हाल ही में सामने आए स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के अनुसार, जिलेभर में टीबी के मामलों का समय रहते पता लगाने के लिए अब एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत स्वास्थ्यकर्मी सीधे लोगों के घरों तक पहुंचेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य संक्रमण की शुरुआती अवस्था में ही उसकी पहचान करना और समय पर उचित उपचार सुनिश्चित करना है, ताकि बीमारी के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
घर-घर सर्वे से मिलेगी मदद
स्वास्थ्य विभाग की इस नई रणनीति के तहत जमीनी स्तर पर काम करने वाले चिकित्सा कर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस अभियान के दौरान सर्दी-खांसी या अन्य टीबी के संभावित लक्षणों से जूझ रहे व्यक्तियों की पहचान की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उनके बलगम या अन्य आवश्यक सैंपल भी लिए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि कई बार लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। घर-घर स्क्रीनिंग होने से ऐसे मामलों को छिपाने या अनसुना करने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी और हर संदिग्ध मरीज तक समय पर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा सकेगी।
टीबी उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम
भारत सरकार और राज्य प्रशासन वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं। सोलन जिले में उठाया गया यह कदम उसी राष्ट्रीय रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा नहीं जाता, तब तक इस बीमारी पर पूरी तरह से काबू पाना मुश्किल होता है। घर-घर जाकर चलाए जाने वाले इस सर्च अभियान से न केवल छिपे हुए मरीजों को ढूंढने में मदद मिलेगी, बल्कि उन्हें तुरंत डॉट्स (DOTS) प्रणाली के तहत मुफ्त दवाइयां और चिकित्सा परामर्श भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, इस अभियान के दौरान आम जनता को टीबी के लक्षणों, इसके फैलने के कारणों और इसके संपूर्ण इलाज के बारे में जागरूक भी किया जाएगा ताकि समाज में इस बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया जा सके।
जनता से सहयोग की अपील
जिला स्वास्थ्य प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे घर-घर आने वाली स्वास्थ्य टीमों को पूरा सहयोग दें और अपनी सेहत से जुड़ी सही जानकारी साझा करें। यदि किसी भी व्यक्ति को लंबे समय तक खांसी, वजन कम होना या रात में पसीना आने जैसी समस्याएं हैं, तो उन्हें बिना किसी संकोच के अपनी जांच करवानी चाहिए। स्थानीय स्तर पर चिकित्सा अधिकारियों द्वारा इस बात की भी समीक्षा की जा रही है कि अभियान के दौरान दूरदराज के पहाड़ी इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों के हर घर तक स्वास्थ्य कर्मी आसानी से पहुंच सकें। विभाग का यह पुख्ता प्रयास सोलन जिले में टीबी के आंकड़ों को कम करने और स्वस्थ समाज के निर्माण में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।