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स्वास्थ्य ब्रेकिंग

स्वास्थ्य विभाग का बड़ा ऐक्शन: लखनऊ में फर्जी मेडिकल बिलिंग और नकली दवा सप्लाई गिरोह पर एफआईआर दर्ज

लखनऊ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने एक बड़े फर्जी मेडिकल बिलिंग और नकली दवा सप्लाई रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में कई मेडिकल स्टोर मालिकों पर एफआईआर दर्ज की गई है।

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Kantap News डेस्क
13 अग 2026, 17:50
स्वास्थ्य विभाग का बड़ा ऐक्शन: लखनऊ में फर्जी मेडिकल बिलिंग और नकली दवा सप्लाई गिरोह पर एफआईआर दर्ज
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्वास्थ्य सेवाओं की आड़ में चल रहे एक बहुत बड़े फर्जीवाड़े का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने भंडाफोड़ किया है। औषधि निरीक्षकों की विशेष टीम ने शहर के प्रमुख दवा बाजारों और थोक विक्रेताओं के यहां एक साथ छापेमारी की कार्यवाही को अंजाम दिया। इस दौरान यह बात सामने आई कि कई दवा विक्रेता वास्तव में बिना किसी वास्तविक दवा की खरीद-बिक्री किए करोड़ों रुपये के फर्जी मेडिकल बिल जारी कर रहे थे। इस सिंडिकेट का मुख्य उद्देश्य सरकारी बीमा योजनाओं, क्लेम भुगतानों और आयकर में हेरफेर करना था। इसके अतिरिक्त, छापेमारी के दौरान संदिग्ध गुणवत्ता की भारी मात्रा में जीवनरक्षक दवाएं भी जब्त की गई हैं, जिन्हें बिना वैध लाइसेंस और सुरक्षा मानकों के बाजार में खपाया जा रहा था।

करोड़ों की फर्जी बिलिंग और नकली दवाओं का खेल

एफएसडीए अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े के तार राज्य के कई अन्य जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं। जांच में पता चला है कि गिरोह के सदस्य नामी कंपनियों के फर्जी रैपर और बारकोड का इस्तेमाल कर घटिया किस्म की दवाओं को महंगे दामों पर अस्पतालों और रिटेल काउंटरों पर सप्लाई करते थे। टीम ने जांच के दौरान कई सौ बोरी संदिग्ध औषधियां जब्त कर ली हैं और उनके नमूनों को जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। एफएसडीए की शिकायत पर वजीरगंज और अमीनाबाद पुलिस थानों में चार मुख्य अभियुक्तों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और औषधि अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मरीजों की सुरक्षा और सख्त प्रशासनिक निगरानी

इस घटनाक्रम के बाद लखनऊ ड्रग एसोसिएशन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फर्जी बिलिंग और घटिया दवाओं के इस अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। शहर के सभी निजी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स को चेतावनी जारी की गई है कि वे केवल अधिकृत स्टॉकिस्ट से ही दवाएं खरीदें और मरीजों को पक्का बिल प्रदान करें। प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के कड़े कदमों से न केवल नकली दवाओं के संजाल को ध्वस्त किया जा सकेगा, बल्कि आम जनता और मरीजों के स्वास्थ्य सुरक्षा अधिकारों की पूरी तरह से रक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
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