कंटाप
NEWS
गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेहा बोरा मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी, शुक्रवार की शाम को 6 बजे आएगा फैसला      मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      सऊदी अरब पर अटैक से भड़का भारत, विदेश मंत्रालय की दो टूक- तुरंत बंद हों हमले      अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जामनगर जाना क्या भारत की अहमियत बताता है?      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत      AIIMS से डीम्ड यूनिवर्सिटीज तक... NEET UG काउंसलिंग के बाद क्यों खाली रह गईं MBBS सीटें?     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल

आरएसएस का स्थापना दिवस: चंडीगढ़ में 12 स्थानों पर हुआ आयोजन

चंडीगढ़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का 101वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस विशेष अवसर पर शहर भर के कुल 12 अलग-अलग स्थानों पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में स्वयंसेवकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और संगठन की स्थापना से जुड़ी परंपराओं का पालन किया।

A
Ankit Yadav
21 अक्ट 2026, 12:56
आरएसएस का स्थापना दिवस: चंडीगढ़ में 12 स्थानों पर हुआ आयोजन

चंडीगढ़ में 12 स्थानों पर आयोजन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने 101वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ के विभिन्न इलाकों में कार्यक्रमों का संचालन किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस महत्वपूर्ण दिन को मनाने के लिए शहर के भीतर ठीक 12 स्थानों को चुना गया था जहां स्वयंसेवकों ने एकत्र होकर अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाया। इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से संगठन के सदस्य अपनी वैचारिक जड़ों को मजबूत करते हैं और अनुशासन का संदेश समाज तक पहुंचाते हैं। चंडीगढ़ प्रशासन और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति के बीच ये सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। प्रत्येक तयशुदा स्थान पर संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने उपस्थिति दर्ज कराई और निर्धारित आयोजनों की रूपरेखा के अनुसार अपनी बात रखी। इन सभी 12 स्थलों पर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम देखे गए ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। स्वयंसेवकों ने पूर्ण अनुशासन का परिचय देते हुए पारंपरिक वेशभूषा में इन कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और एक दूसरे को इस ऐतिहासिक दिन की बधाइयां दीं। इस प्रकार चंडीगढ़ का यह पूरा क्षेत्र इस विशेष उत्सव के रंग में रंगा हुआ नजर आया और हर एक केंद्र पर उत्साह का माहौल बना रहा।

आरएसएस के 101वें स्थापना दिवस की रूपरेखा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 101 वर्ष पूरे होने के इस ऐतिहासिक अवसर पर चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला काफी व्यापक रही। जिन 12 स्थानों पर ये आयोजन किए गए वहां विभिन्न बौद्धिक और शारीरिक गतिविधियों का संचालन किया गया। स्वयंसेवकों ने अपने पारंपरिक अनुशासन का प्रदर्शन करते हुए निर्धारित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और संगठन के इतिहास को याद किया। इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं और नागरिकों में राष्ट्र सेवा की भावना को जागृत करना होता है। स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं ने महीनों पहले से इन कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू कर दी थीं ताकि इस महत्वपूर्ण दिवस को भव्य तरीके से मनाया जा सके। चंडीगढ़ के इन सभी 12 केंद्रों पर आने वाले लोगों के लिए बैठने और विचार सुनने की उचित व्यवस्था की गई थी। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अपने संबोधनों में संगठन के अब तक के सफर और देश के प्रति उसकी भूमिका का विस्तार से जिक्र किया। सभी उपस्थित लोगों ने इन विचारों को ध्यान से सुना और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में अपना सहयोग देने का संकल्प दोहराया। इस दौरान पूरे शहर में एक अलग ही प्रकार की देशभक्ति की ऊर्जा देखने को मिली जिसने स्थानीय निवासियों का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

संगठन की पृष्ठभूमि और इसका महत्व

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश का एक ऐसा प्रमुख सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है जो पिछले कई दशकों से राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय रूप से जुटा हुआ है। इस संगठन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति की रक्षा करना, समाज में अनुशासन पैदा करना और देशवासियों में राष्ट्र प्रेम की अलख जगाना रहा है। चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहर में इसके 101वें स्थापना दिवस का मनाया जाना यह दर्शाता है कि संगठन की जड़े समाज के हर वर्ग में कितनी गहराई तक फैली हुई हैं। जब ऐसे आयोजन 12 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ होते हैं तो इससे स्थानीय स्तर पर संघ की कार्यप्रणाली और उसकी पहुंच का दायरा स्पष्ट रूप से नजर आता है। इस तरह के आयोजनों से न केवल पुराने कार्यकर्ता आपस में जुड़ते हैं बल्कि नई पीढ़ी के लोग भी संगठन की विचारधारा से परिचित होते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर इस प्रकार के उत्सव मनाए जाते हैं ताकि लोगों को सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का पाठ पढ़ाया जा सके। चंडीगढ़ के इन 12 स्थलों पर हुए कार्यक्रमों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संगठन के अनुयायी अपनी परंपराओं के प्रति कितने समर्पित हैं और वे भविष्य में भी इसी तरह समाज सेवा के मार्ग पर अग्रसर रहने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज