जो US लगा रहा था एक्स्ट्रा टैरिफ, अब वही पढ़ रहा कसीदे; भारत की तेल आयात नीति पर क्या बोले मार्को रुबियो
‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या
फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब
असम सरकार का बड़ा फैसला, रिटायरमेंट से 1 साल पहले शुरू होगी पेंशन की प्रक्रिया
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज
सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे
कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे
‘भारत हम सभी के लिए उम्मीद की किरण’, पोलैंड के प्रधानमंत्री ने की PM मोदी की जमकर तारीफ
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
ऐतिहासिक सौगात: शेखावाटी की 14 प्रसिद्ध हवेलियां वर्ल्ड हेरिटेज की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल
राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान मिलने की राह आसान हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा क्षेत्र की चौदह प्रसिद्ध हवेलियों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची के लिए तैयार की जाने वाली संभावित सूची यानी टेंटेटिव लिस्ट में शामिल कर लिया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों और कला प्रेमियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।
A
Ankit Yadav
06 सित 2026, 12:01
राजस्थान का शेखावाटी क्षेत्र अपनी विशिष्ट वास्तुकला, प्राचीन कलाकृतियों और भव्य भित्ति चित्रों के लिए पूरे देश और दुनिया भर में अपनी एक अलग ही पहचान रखता है। यहां की पुरानी हवेलियां उस दौर के वैभवशाली इतिहास और उत्कृष्ट शिल्प कौशल की कहानी कहती हैं। अब इसी ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने और वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक मजबूत स्थिति दिलाने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारत सरकार की ओर से इस क्षेत्र की लगभग चौदह चुनिंदा हवेलियों को आधिकारिक तौर पर वर्ल्ड हेरिटेज साइट की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किए जाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है, जो इस क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि से कम नहीं है।
ऐतिहासिक वास्तुकला और पर्यटन को मिलेगा नया पंख
इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद शेखावाटी के पर्यटन उद्योग को एक जबरदस्त गति मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। जानकारों का मानना है कि जब किसी क्षेत्र की ऐतिहासिक इमारतों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलती है, तो वहां दुनिया भर के पर्यटकों का आना-जाना बढ़ जाता है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं, बल्कि इन पुरानी और अनमोल इमारतों के संरक्षण के लिए विशेष प्रशासनिक और वित्तीय सहायता मिलने का मार्ग भी प्रशस्त होता है। इन हवेलियों की दीवारों पर की गई पारंपरिक पेंटिंग और नक्काशी देखने के लिए देश-विदेश से कला प्रेमी पहले से ही यहां आते रहे हैं, लेकिन यूनेस्को की संभावित सूची में नाम दर्ज होने के बाद इस ऐतिहासिक धरोहर को देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या में कई गुना इजाफा होने की संभावना है।
संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर
स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और सांस्कृतिक मामलों के जानकारों का कहना है कि यह निर्णय इन बेजोड़ विरासतों को बचाने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। कई हवेलियां उचित रखरखाव के अभाव में समय के साथ अपनी चमक खोती जा रही थीं, लेकिन इस सरकारी पहल के बाद इनके संरक्षण और जीर्णोद्धार को लेकर नए सिरे से योजनाएं बनाई जा सकेंगी। क्षेत्रीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी सरकार के इस कदम की सराहना की है। लोगों का मानना है कि यदि ये हवेलियां आगे चलकर पूर्ण रूप से विश्व धरोहर स्थल का दर्जा पाने में सफल रहती हैं, तो यह न केवल शेखावाटी बल्कि पूरे देश के लिए एक गर्व का विषय होगा। आने वाले दिनों में इस दिशा में और भी कई सकारात्मक कदम उठाए जाने की उम्मीद है, जिससे इस ऐतिहासिक क्षेत्र का कायाकल्प हो सके।