जिले में आठ नई औद्योगिक इकाइयों को मिली आधिकारिक मंजूरी
उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अधिकारियों ने बरेली जिले के भीतर आठ नए खाद्य प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना के प्रस्तावों पर अपनी औपचारिक मुहर लगा दी है। इन नई इकाइयों के धरातल पर उतरने से इस विशिष्ट क्षेत्र में उत्पादन गतिविधियों का दायरा काफी हद तक फैल जाएगा। राजकीय खाद्य प्रसंस्करण के प्रधानाचार्य अंशिल सिन्हा ने बताया कि इन अतिरिक्त फैक्टरियों के लगने से स्थानीय युवाओं के सामने रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। इसके अलावा क्षेत्र की संपूर्ण आर्थिक स्थिति भी पहले से अधिक सुदृढ़ होगी। इससे पहले भी इस क्षेत्र के विकास के लिए कई ठोस कदम उठाए गए थे जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहा है। नए उद्योगों की स्थापना से कृषि आधारित उत्पादों के प्रसंस्करण और विपणन में भी खासी तेजी आएगी। राज्य सरकार की इस विशेष पहल से औद्योगिक विकास को गति मिल रही है और निवेशकों का रुझान इस दिशा में लगातार बढ़ रहा है। इन सभी आठों इकाइयों के लिए जरूरी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू हो सके और जिले की औद्योगिक पहचान को एक नया आयाम मिल सके।
विभिन्न श्रेणियों के उत्पादों के कारखाने स्थापित करने की तैयारी
इन प्रस्तावित आठ फैक्ट्रियों के जरिए विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्रियों के उत्पादन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इससे पहले राज्य की विशेष औद्योगिक नीति के अंतर्गत जिले के भीतर कुल 29 अलग-अलग तरह के उद्योगों की स्थापना सफलतापूल्र्वक कराई गई थी। इन मौजूदा इकाइयों के माध्यम से ब्रेड प्रोसेसिंग यूनिट और आटोमेटेड टोमैटो कैचअप इंडस्ट्री जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं काम कर रही हैं। इसके अतिरिक्त नमकीन और स्नैक्स यूनिट, रस्क, कुकीज, बेसन ग्रेडिंग, कैटल फीड, मिर्च पाउडर तथा राइस ब्रान आयल के कारखाने भी चालू हालत में हैं। चीनी से जुड़े उत्पादों के अलावा मल्टीग्रेन फ्लोर प्रोसेसिंग यूनिट और सरसों के तेल की इकाइयां भी सुचारू रूप से चल रही हैं। बाजार की मांग को देखते हुए सोया चाप, मैगी, नूडल्स, मसाला और फ्रेंच फ्राइज के निर्माण कार्य भी इन फैक्ट्रियों में हो रहे हैं। बटर, विभिन्न प्रकार के बेकरी प्रोडक्ट्स तथा फ्रोजन प्रोडक्ट्स की फैक्ट्रियां भी वर्तमान में सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। इन सभी पहले से स्थापित औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन का कार्य पूरी गति से शुरू हो चुका है और संबंधित उद्यमियों को उनके हिस्से की अनुदान राशि की किस्तें भी समय पर उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।
नीतिगत बदलाव और निवेशकों को सम्मानित करने की विशेष पहल
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए पिछले तीन वर्षों के दौरान कई रणनीतिक बदलाव किए गए हैं। इसी क्रम में उद्यान विभाग से खाद्य प्रसंस्करण के महकमे को पूरी तरह से अलग कर दिया गया था। उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के प्रावधानों के तहत जिले में औद्योगिक इकाइयों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इस विशेष योजना के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों के दौरान इस जिले में सर्वाधिक 40 औद्योगिक इकाइयों को स्वीकृति प्रदान की गई थी। इन सभी स्वीकृत इकाइयों की स्थापना का कार्य भी तय समयसीमा के भीतर पूरा कर लिया गया है। इस उपलब्धि के तहत हाल ही में राजधानी लखनऊ में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान सभी संबंधित परियोजनाओं को औपचारिक रूप से स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही इस क्षेत्र में पूंजी लगाने वाले प्रमुख निवेश मित्रों को सम्मानित भी किया गया जिससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिल सके। सरकार की इस दूरदर्शी नीति और वित्तीय प्रोत्साहन के चलते इस क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों में जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है।