मुक्तारामबाबू स्ट्रीट के पंडाल में हुआ दर्दनाक हादसा
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के उत्तर इलाके में स्थित चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार को एक भयंकर घटना घटी। मुक्तारामबाबू स्ट्रीट पर बने इस पूजा स्थल पर निकास द्वार का एक हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं के बीच भारी भगदड़ मच गई। इस दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना के कारण कुल 19 लोगों की जान जाने की पुष्टि हो चुकी है। शुरुआती क्षणों में ही कई लोगों ने मौके पर दम तोड़ दिया था। इस दुखद समाचार के फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल तुरंत सक्रिय हो गए और घायलों को फौरन अस्पताल पहुंचाने का कार्य शुरू किया गया। इस हादसे में कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री ने घायलों का जाना हाल
दुर्घटना के तुरंत बाद पश्चिम बंगाल के सुवेंदु अधिकारी ने स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद मोर्चा संभाला और वे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तथा राज्यसभा सदस्यों के साथ कलकत्ता मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने वहां भर्ती सभी घायलों से मुलाकात करके उनके स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति की पूरी जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा उन्होंने प्रभावित परिवारों में से 13 घरों तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी और हरसंभव सरकारी मदद का पूरा भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने मीडिया के सामने घोषणा की कि इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को ढाई लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी। इसके साथ ही प्रभावित परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी आधिकारिक ऐलान किया गया है। घायलों की देखभाल के लिए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी घायलों का पूरा चिकित्सीय खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा और उन्हें पांच लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा भी प्रदान किया जाएगा।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
इस दुखद घटना के बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण में कोताही बरतने वाले लोगों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का निर्णय लिया है। कोलकाता पुलिस ने घटना के वक्त की सभी सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है जिनकी गहनता से जांच की जा रही है। फुटेज की पड़ताल के बाद यदि कोई भी व्यक्ति भीड़ प्रबंधन की अपनी ड्यूटी में लापरवाह पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चाहे दोषी कोई पूजा समिति का पदाधिकारी हो, स्वयंसेवक हो, पुलिसकर्मी हो, अस्थायी होमगार्ड हो या फिर किसी निजी सुरक्षा एजेंसी का कर्मी हो, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। वर्तमान में पूरे पश्चिम बंगाल में लगभग 58 हजार दुर्गा पूजा पंडालों का आयोजन हो रहा है जिसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी आयोजकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने पुलिस और अग्निशमन विभाग द्वारा जारी किए गए सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।