भोपाल में भाजपा नेता की करंट लगने से दर्दनाक मौत मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुई एक आकस्मिक दुर्घटना ने राजनीतिक गलियारों और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है, जहां भारतीय जनता पार्टी के एक सक्रिय नेता की विद्युत आघात यानी करंट लगने के कारण मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा उस समय हुआ जब नेता जी किसी कार्य में व्यस्त थे और अचानक से खुले हुए बिजली के तारों या किसी दोषपूर्ण उपकरण के संपर्क में आ गए। इस अप्रत्याशित और गंभीर दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सा कर्मियों ने अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पार्टी कार्यकर्ताओं तथा शुभचिंतकों का उनके आवास पर तांता लगा हुआ है। इस प्रकार की अचानक हुई मृत्यु ने स्थानीय क्षेत्र में बिजली सुरक्षा और रख-रखाव पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि जरा सी लापरवाही किसी की जान ले सकती है।
मामूली बात पर कैब ड्राइवर पर चाकू से घातक हमला राजधानी भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था और आपसी सहनशीलता को चुनौती देने वाली एक अन्य घटना में, एक कैब चालक को बहुत ही मामूली और तुच्छ बात पर चाकू से गोदकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। बताया जा रहा है कि सवारी बैठाने, किराए के लेन-देन या रास्ते के किसी छोटे से विवाद को लेकर उपजे तनाव ने इतना भयानक रूप ले लिया कि हमलावर ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए कैब चालक पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस अचानक हुए हमले में चालक बुरी तरह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा, जिसे स्थानीय राहगीरों और अन्य चालकों की मदद से तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस तरह की घटनाएं समाज में लगातार कम होती सहनशक्ति और बढ़ते हुए आपराधिक व हिंसक रुझान को दर्शाती हैं, जो आम आदमी के मन में खौफ पैदा करती हैं। परिवहन के क्षेत्र में काम करने वाले लोग, विशेषकर कैब और ऑटो चालक, आए दिन ऐसे असमाजिक तत्वों के शिकार होते रहते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर से सबसे आगे आ गया है।
प्रशासनिक कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था पर उठते गंभीर सवाल इन दोनों अलग-अलग लेकिन झकझोर देने वाली घटनाओं के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग पर दबाव काफी बढ़ गया है, और जनता की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ जहां विद्युत विभाग की लापरवाही से एक राजनीतिक हस्ती की जान चली गई, वहीं दूसरी तरफ खुलेआम चाकूबाजी की घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कैब चालक पर हमला करने वाले आरोपी की तलाश के लिए आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा, जबकि करंट लगने वाली घटना के मामले में भी यह जांच की जा रही है कि आखिर वहां सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और किसकी गलती की वजह से यह हादसा हुआ। आने वाले दिनों में इन मामलों पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके और आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल मिल सके।