रेलवे ट्रैक पर दर्दनाक हादसा और युवक की मौत आज के समय में तकनीक का अत्यधिक उपयोग किस हद तक खतरनाक साबित हो सकता है, इसकी एक बानगी हालिया दुर्घटना में देखने को मिली है। मिली जानकारी के अनुसार, चौबीस साल का एक युवा अपने कानों में ईयरफोन लगाकर रेलवे लाइन के किनारे टहल रहा था या पटरी पार कर रहा था। उस दौरान संगीत सुनने में व्यस्त होने के कारण उसे अपनी तरफ तेजी से आ रही ट्रेन की गड़गड़ाहट या हॉर्न की आवाज बिल्कुल भी सुनाई नहीं दी। जब तक वह अपनी इस गंभीर भूल को समझ पाता और खुद को बचाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और भारी गति से आ रही रेलगाड़ी ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। इस भयंकर टक्कर के कारण उसे बचने का कोई भी मौका नहीं मिला और मौके पर ही उसकी प्राण पखेरू उड़ गए। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और जीआरपी के अधिकारी तुरंत हरकत में आए तथा शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस प्रकार की अचानक हुई इस दुर्घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
बढ़ती असावधानी और रेल पटरियों पर सुरक्षा के नियम भारतीय रेल नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में शुमार है, जिसके किनारे घनी बस्तियां बसी हुई हैं और पटरियों के आसपास से लगातार आवाजाही बनी रहती है। रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार यह जागरूकता अभियान चलाती रहती हैं कि पटरियों के पास चलते समय मोबाइल फोन, ईयरफोन, हेडफोन या किसी भी तरह के संगीत यंत्र का इस्तेमाल बिल्कुल न किया जाए। इसके बावजूद आज की युवा पीढ़ी इस प्रकार की चेतावनियों को नजरअंदाज करती नजर आती है, जो अंततः इस तरह की दिल दहला देने वाली घटनाओं को न्योता देती है। पटरी पर चलते समय ध्यान भटकना मानवीय भूल का सबसे बड़ा उदाहरण है, जिसमें जरा सी भी चूक या एकाग्रता भंग होने पर सीधा जीवन दांव पर लग जाता है। शहरीकरण और ईयरफोन के बढ़ते चलन ने राह चलते लोगों की सुनने की क्षमता को बाहरी दुनिया के प्रति लगभग शून्य कर दिया है, जिससे ट्रेन या अन्य वाहनों के हॉर्न सुनाई देना बंद हो जाते हैं। इस दुर्घटना ने एक बार फिर समाज के सामने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि आधुनिक गैजेट्स के मोह में लोग अपनी सुरक्षा से किस प्रकार खिलवाड़ कर रहे हैं और इसके क्या दुष्परिणाम हो सकते हैं।
प्रशासनिक चिंता और जनमानस के लिए बड़ी चेतावनी इस दुखद प्रकरण के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और रेलवे सुरक्षा बल ने एक बार फिर आम जनता, विशेषकर युवाओं से कड़े अनुरोध किए हैं कि वे पटरियों के आसपास आवाजाही के दौरान पूरी तरह सतर्क रहें। अधिकारियों का यह कहना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए केवल कानून या चेतावनी बोर्ड पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि हर नागरिक को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझनी होगी। रेलवे लाइनों को पार करने के लिए हमेशा निर्धारित मानदण्डों और समपारों का ही उपयोग करना चाहिए तथा किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का प्रयोग करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इस घटना के बाद से स्थानीय इलाकों में मातम का माहौल है और लोग इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि एक छोटी सी असावधानी ने कैसे एक हंसते-खेल्ते परिवार का चिराग बुझा दिया। आने वाले दिनों में रेलवे प्रशासन द्वारा पटरियों के आसपास निगरानी बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की अनहोनी को टाला जा सके।