तरौना गांव में दर्दनाक घटना
लखनऊ जिले के रहीमाबाद थाना अंतर्गत ग्राम तरौना में मंगलवार शाम को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां 60 वर्षीय कमलेश नामक किसान अपने मवेशियों के लिए हरा चारा इकट्ठा करने के उद्देश्य से घर से बाहर निकले थे। रास्ते में पड़ने वाले बेहता नाले को पार करते समय उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में समा गए। देर शाम तक जब कमलेश अपने घर नहीं पहुंचे, तो परिवार के सदस्य चिंतित हो गए और उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के दौरान परिजनों को नाले के किनारे किसान की चप्पलें दिखाई दीं, जिससे अनहोनी की आशंका बलवती हो गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत इस घटना की सूचना रहीमाबाद पुलिस को दी। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से नाले में किसान की तलाश शुरू की, लेकिन शुरुआती घंटों में सफलता नहीं मिली। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी रही और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गोताखोरों की मदद से शव बरामद
स्थानीय पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए तलाशी अभियान को गति देने के लिए गोताखोरों की विशेष टीम को मौके पर बुलाया। अंधेरा होने और पानी के बहाव के कारण खोजबीन में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत और अथक प्रयासों के बाद देर रात करीब साढ़े 11 बजे गोताखोरों को सफलता हाथ लगी। उन्होंने खेत से लगभग 200 मीटर की दूरी पर नाले के भीतर से कमलेश का शव बरामद कर लिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस पूरी घटना के दौरान गांव के कई ग्रामीण मौजूद रहे और पुलिस की कार्यवाही में सहयोग प्रदान किया। मृतक के परिवार वालों ने बताया कि कमलेश रोजमर्रा की तरह चारा लेने गए थे, लेकिन नाले का जलस्तर या फिसलन उनके लिए जानलेवा साबित हो गई। पुलिस अब आगे की कानूनी कार्यवाही में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
सुरक्षा और प्रशासन की कार्रवाई
बेहता नाले में हुई इस दुखद मौत के बाद स्थानीय लोगों में नाले की स्थिति को लेकर चिंता देखी जा रही है। बारिश या अन्य कारणों से नाले में बढ़े जलस्तर और वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने को ग्रामीण एक बड़ी समस्या मान रहे हैं। कमलेश की असामयिक मृत्यु ने उनके परिवार के सामने संकट खड़ा कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे जलभराव वाले इलाकों या बरसात के समय नालों के आसपास सावधानी बरतें। रहीमाबाद पुलिस ने कहा है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के पुख्ता कारणों की विस्तृत पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन का मुख्य ध्यान मृतक के अंतिम संस्कार की प्रक्रियाओं और परिवार को सहायता मुहैया कराने पर केंद्रित है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में जल स्रोतों के पास सुरक्षा के अभाव और संभावित खतरों के प्रति ग्रामीणों को सचेत कर दिया है।