सुबह पांच बजे पुराना हाउसिंग बोर्ड में लगी आग
रविवार को सुबह करीब पांच बजे राजस्थान के पाली शहर के औद्योगिक थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पुराना हाउसिंग बोर्ड इलाके में एक रिहायशी मकान की प्रथम मंजिल पर स्थित एक कमरे में अचानक आग भड़क उठी। सुबह-सुबह हुई इस दुर्घटना के कारण पूरे इलाके में जबरदस्त हड़कंप मच गया और स्थानीय निवासियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शुरुआती तौर पर प्राप्त जानकारियों के अनुसार इस भयंकर घटना के पीछे की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। कमरे के अंदर मौजूद लकड़ी का फर्नीचर और अन्य तमाम कीमती सामान आग की चपेट में आ गया। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और कमरे का सारा सामान धीरे-धीरे जलकर खाक होने लगा। सुबह के समय हुई इस घटना की वजह से आसपास के तमाम लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों ने पाया आग पर काबू
आसपास के लोगों ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बिना किसी देरी के नगर निगम की दमकल विभाग को इस दुर्घटना की तुरंत सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाने का अभियान शुरू किया। आग के फैलने के संभावित खतरे को टालने के लिए एहतियातन तौर पर तुरंत पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को बंद करवा दिया गया ताकि किसी भी प्रकार का अतिरिक्त खतरा पैदा न हो सके। इस बीच नगर निगम पार्षद मानवेंद्र सिंह भाटी भी घटनास्थल पर पहुंच गए और उन्होंने स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर आग बुझाने के राहत कार्यों में पूरा सहयोग किया। सभी लोगों ने मिलकर काफी प्रयास किए जिसके बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका। हालांकि इस भीषण हादसे में कमरे के भीतर रखा सारा कीमती सामान और फर्नीचर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया है।
नुकसान का हो रहा आकलन और किसी के हताहत होने की खबर नहीं
घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर भारी संख्या में लोगों का जमावड़ा लग गया और हर कोई इस दुर्घटना के बारे में चर्चा कर रहा था। राहत की बात यह है कि इस भयंकर हादसे में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या घायल होने की कोई भी सूचना सामने नहीं आई है। अधिकारियों द्वारा फिलहाल इस दुर्घटना के कारण हुए कुल नुकसान का आकलन किया जा रहा है ताकि सही स्थिति का पता चल सके। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को ही आग लगने की प्राथमिक वजह माना जा रहा है, हालांकि इसके कारणों की पूरी पुष्टि और नुकसान का वास्तविक आंकड़ा सामने आना अभी बाकी है। स्थानीय प्रशासन और नगर निगम के प्रतिनिधि पूरे हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और नुकसान की भरपाई तथा आंकलन की प्रक्रिया को पूरा करने में जुटे हुए हैं ताकि आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।