पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हुआ दर्दनाक हादसा
रविवार सुबह लगभग आठ बजकर पंद्रह मिनट पर यह सड़क दुर्घटना अयोध्या और सुल्तानपुर की सीमा के नजदीक हलियापुर थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर घटित हुई। चंडीगढ़ से सेना के मृत सूबेदार सत्यवान का पार्थिव शरीर लेकर उनके परिजन देवरिया जिले के रुद्रपुर जा रहे थे। रास्ते में तेज रफ्तार एम्बुलेंस अचानक अनियंत्रित हो गई और एक्सप्रेस-वे के किनारे खड़े एक भारी ट्रक के पिछले हिस्से में जोरदार तरीके से जा घुसी। टक्कर इतनी अधिक भीषण और खतरनाक थी कि एम्बुलेंस के आगे के हिस्से के परखच्चे पूरी तरह उड़ गए। वाहन का केबिन बुरी तरह पिचक गया और चालक का शरीर स्टेयरिंग के बीच में ही फंस गया। इस दर्दनाक टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के राहगीर और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए मौके की तरफ दौड़े। लोगों ने इस गंभीर दुर्घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस नियंत्रण कक्ष को दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंच गया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिसकर्मियों ने गैस या अन्य साधनों से गाड़ी को काटकर आगे की सीट पर बुरी तरह फंसे हुए दो लोगों के शवों को बाहर निकाला। एम्बुलेंस में पीछे की तरफ बैठे अन्य दो गंभीर रूप से घायल लोगों को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उपचार के दौरान उन दोनों घायलों को भी मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की हुई पहचान और अधिकारियों का दौरा
इस भीषण हादसे में अपनी जान गंवाने वाले चारों व्यक्तियों की पहचान पूरी तरह से स्पष्ट कर ली गई है। मृतकों में सूबेदार सत्यवान का अट्ठारह वर्षीय इकलौता बेटा गौरव सिंह, उनके पैंतालीस वर्षीय भाई राम समुझ, रिश्ते का पैंतीस वर्षीय भतीजा राजन सिंह और एम्बुलेंस चालक जसपाल शामिल हैं। सेना के सूबेदार सत्यवान मेरठ में अपनी सेवा दे रहे थे और कुछ समय पहले चंडीगढ़ में उनका किडनी का सफल ट्रांसप्लांट हुआ था। तीन दिन पहले ही पंचकुला में उनका निधन हो गया था जिसके पश्चात परिवार के लोग उनका शव लेने के लिए वहां पहुंचे थे। सत्यवान के भाई राम समुझ, भतीजे राजन सिंह और बेटे गौरव सिंह शनिवार की शाम करीब चार बजे एम्बुलेंस से शव लेकर देवरिया के लिए निकले थे। परिवार के अन्य सदस्य एक दूसरी कार में इस एम्बुलेंस के पीछे-पीछे ही चल रहे थे। हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह और पुलिस कप्तान विनीत जायसवाल तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। अधिकारियों ने वहां पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी को सामने देखकर मृतक के एक अन्य रिश्तेदार अपना दुख रोक नहीं पाए और उनके गले लगकर फूट-फूटकर रोने लगे। जिला अधिकारी ने सांत्वना देते हुए उनके कंधे पर अपना हाथ रखा और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। पुलिस ने चारों मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई करते हुए पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
थाने में सुरक्षित रखा गया पार्थिव शरीर
हादसे के बाद सेना के सूबेदार मेजर सत्यवान के पार्थिव शरीर को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की देखरेख में हलियापुर थाने में सुरक्षित रखवा दिया गया है। पुलिस विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। चश्मदीदों के अनुसार घटना के वक्त एम्बुलेंस बहुत अधिक तेज गति से चलाई जा रही थी जिस कारण चालक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। पुलिस की अब तक की शुरुआती जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि अहले सुबह वाहन चलाते वक्त चालक को अचानक झपकी आ गई होगी। झपकी आने की वजह से ही तेज रफ्तार एम्बुलेंस सड़क के किनारे खड़े भारी भरकम ट्रक में पीछे से जाकर टकरा गई। इस एक ही बड़े हादसे में परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत हो जाने से उनके पैतृक गांव और घर में कोहराम मच गया है। सूचना मिलने के बाद से ही परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है तथा पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने इस संबंध में दुर्घटना का मामला दर्ज कर लिया है और सभी जरूरी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि पीड़ित परिवार को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।