बिड़ला मैदान पर खेल के दौरान हुआ विवाद
वाराणसी स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के बिड़ला मैदान पर शुक्रवार की दोपहर को खेलकूद के दौरान छात्रों के बीच हिंसक झड़प हो गई। राजा राममोहन राय छात्रावास में रहने वाले छात्र दोपहर करीब एक बजे मैच खेलने के लिए मैदान पर पहुंचे थे। उनके वहां पहुंचने से पहले ही कुछ बाहरी युवक उस खेल के मैदान पर पहले से खेल रहे थे। छात्रावास के छात्रों ने उन बाहरी युवकों से अपना खेल जल्दी समाप्त करने के लिए कहा ताकि वे लोग वहां खेल सकें। इसके बाद वे बाहरी युवक वहां से चले गए, जिससे शुरुआती मामला शांत प्रतीत हुआ। लेकिन कुछ ही देर के अंतराल पर लगभग एक दर्जन अज्ञात युवक उस मैदान पर वापस लौट आए और उन्होंने वहां मौजूद छात्रों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस अचानक हुए हमले से खेल परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया और छात्र बुरी तरह से असहज हो गए। मारपीट की इस घटना के बाद से ही परिसर में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई और छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
गुस्साए छात्रों ने सड़क पर बैठकर किया प्रदर्शन
बाहरी युवकों द्वारा की गई पिटाई से नाराज होकर राजा राममोहन राय छात्रावास के छात्र सीधे अपने छात्रावास के मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए। उन्होंने विरोध प्रदर्शन को तेज करते हुए सड़क पर टेबल और कुर्सी रखकर पूरी तरह से चक्काजाम कर दिया जिससे आवागमन बाधित हो गया। घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय के प्रॉक्टोरियल बोर्ड को फोन करके अवगत कराया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही सभी आरोपी युवक मौके से फरार हो चुके थे। इसके बाद लंका थाने की पुलिस टीम और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अधिकारी भी तुरंत मौके पर पहुंच गए और स्थिति को संभालने का प्रयास करने लगे। धरने पर बैठे छात्रों ने मांग की कि परिसर के सीसीटीवी फुटेज की पूरी जांच की जाए ताकि उन सभी आरोपियों को स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जा सके। छात्रों का स्पष्ट कहना था कि जब तक हमलावर युवकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वे अपना धरना प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे और सड़क पर ही डटे रहेंगे।
शिक्षकों के समझाने के बाद समाप्त हुआ धरना
छात्रों के उग्र प्रदर्शन को समाप्त करने और उन्हें शांत कराने के लिए कई शिक्षक तथा छात्रावास के वार्डेन मौके पर पहुंचे। शिक्षकों ने छात्रों को काफी देर तक समझाया और उनकी मांगों पर उचित प्रशासनिक कार्रवाई करने का भरोसा दिया। इसके बावजूद छात्र अपनी मांगों पर पूरी तरह से अड़े रहे और बिना पुख्ता कार्रवाई के हटने से इनकार कर दिया। शाम ढलने तक शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों का यह समझाने का दौर लगातार जारी रहा। आखिरकार, देर शाम को शिक्षकों द्वारा दिए गए ठोस आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त किया और चक्काजाम हटाया। इस पूरी घटना के बाद से विश्वविद्यालय प्रशासन खेल परिसरों की सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्क हो गया है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। छात्रों ने दोषियों की पहचान कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की अपनी मांग को प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखा है।