नाला पूरी तरह से कचरे से अटा
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर 38 में स्थित अलीगोल द्वितीय इलाके में स्थानीय नागरिकों की एक बहुत बड़ी समस्या सामने आई है। यहाँ पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ठीक पीछे बिसाती कब्रिस्तान मार्ग गुजरता है जिसके पास ही एक बड़ा नाला बना हुआ है। यह नाला लगभग तीन फीट चौड़ा है और वर्तमान समय में इसमें भारी मात्रा में कचरा भरा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह नाला पिछले कई महीनों से बिल्कुल भी साफ नहीं किया गया है। महीनों तक सफाई कर्मचारियों और प्रशासन की तरफ से कोई भी सुध न लिए जाने के कारण इस नाले की स्थिति लगातार बद से बदतर होती चली गई है। नाले के भीतर हर तरफ केवल कचरा और गंदगी ही दिखाई देती है जिसके कारण पानी का बहाव भी पूरी तरह से रुक चुका है। इस नाले की इस दयनीय स्थिति के कारण वार्ड के तमाम रहने वाले लोग बहुत ज्यादा परेशान हैं और उन्होंने प्रशासन की इस उदासीनता पर गहरी नाराजगी भी व्यक्त की है। किसी भी तरह की नियमित सफाई न होने के कारण यहाँ के हालात लगातार चिंताजनक बनते जा रहे हैं।
बदबू और मच्छरों से बढ़ी परेशानी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पीछे स्थित इस तीन फीट चौड़े नाले में महीनों से कचरा जमा रहने के कारण अब आसपास के पूरे क्षेत्र में सड़न और बदबू फैलने लगी है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि इस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों और आसपास के घरों में रहने वाले परिवारों का सांस लेना तक दूभर हो गया है। कचरे के सड़ने से उठने वाली दुर्गंध ने पूरे इलाके के जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। इसके अलावा नाले में रुके हुए गंदे पानी और कचरे के ढेर के कारण मच्छरों का प्रकोप बहुत अधिक बढ़ गया है। आसपास के घरों में हर समय मच्छरों की भरमार बनी रहती है जिससे लोगों का चैन और सुकून छिन गया है। दिन हो या रात मच्छरों के काटने का डर हमेशा बना रहता है और लोग अपने घरों के दरवाजे खिड़कियां बंद रखने को मजबूर हो गए हैं। इस भीषण गंदगी और मच्छरों के लगातार बढ़ते हुए प्रकोप ने पूरे मोहल्ले के पर्यावरण को दूषित कर दिया है जिससे स्थानीय नागरिकों का सामान्य दैनिक जीवन भी पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है।
बीमारी का खतरा और निगम से मांग
झांसी के अलीगोल द्वितीय इलाके के वार्ड नंबर 38 में फैली इस भयंकर गंदगी और कचरे के कारण अब पूरे क्षेत्र में किसी गंभीर बीमारी के फैलने का खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि यदि इस नाले की सफाई जल्द से जल्द नहीं की गई तो इलाके में मलेरिया, डेंगू या अन्य संक्रामक बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका सबसे बुरा असर पड़ने की पूरी आशंका बनी हुई है क्योंकि वे सबसे ज्यादा संवेदनशील होते हैं। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए मोहल्ले के सभी लोगों ने मिलकर नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से जोरदार मांग की है कि इस तीन फीट चौड़े नाले की तुरंत विशेष सफाई करवाई जाए ताकि इलाके को किसी बड़ी स्वास्थ्य आपदा से बचाया जा सके। लोग अब नगर निगम से यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी इस शिकायत पर शीघ्र ही उचित कार्रवाई की जाएगी और नाले से सारा कचरा निकालकर उसे पूरी तरह से साफ कर दिया जाएगा।