तबादलों की विस्तृत सूची और नई जिम्मेदारियां
गोरखपुर जिले में पुलिस विभाग के भीतर 20 निरीक्षक और उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से नई जगहें आवंटित की गई हैं। यह प्रशासनिक फेरबदल शुक्रवार को रात के करीब 3 बजे सार्वजनिक किया गया, जिसके तहत पुलिस लाइन में मौजूद 12 उपनिरीक्षकों को अलग-अलग थानों में तैनात कर दिया गया है। तबादला सूची के अनुसार, निरीक्षक विजय कुमार सिंह अब डायल 112 सेवा की देखरेख करेंगे, जबकि पहले वह डीसीआरबी (DCRB) में कार्यरत थे। वहीं, उपनिरीक्षक आनंद कुमार गुप्ता को गुलरिहा थाने की कमान सौंपी गई है। चौकी प्रभारी के पदों पर भी फेरबदल हुआ है, जिसमें गोबड़ौर चौकी की जिम्मेदारी राजू रंजन सिंह को और डोमिनगढ़ चौकी का कार्यभार रंजीत रंजन को सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त, ओमप्रकाश गुप्ता को पीआरओ पद से हटाकर शाहपुर थाने भेजा गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को बिना किसी देरी के अपने निर्धारित स्थानों पर रिपोर्ट करने हेतु कड़े निर्देश दिए गए हैं।
थानों में तैनात किए गए अधिकारी
विभिन्न थानों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए 12 उपनिरीक्षकों को पुलिस लाइन से फील्ड पोस्टिंग दी गई है। गीडा थाने में सोनू कुमार और बेलीपार थाने में आशुतोष सिंह को तैनाती मिली है। चिलुआताल थाने में अंजनी कुमार तिवारी, गगहा में संतोष कुमार यादव, और गोला थाने में अविनाश कुमार सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। इसी क्रम में पिपराइच थाने में विनय कुमार सिंह, पीपीगंज में उमेश सिंह यादव और उमेश चन्द्र शुक्ला, तथा कैंपियरगंज में दीपक कुमार गुप्ता को भेजा गया है। इसके साथ ही, गगहा थाने के लिए वीरेन्द्र सिंह यादव को चुना गया है और बेलीपार में उमेश कुमार यादव को एक अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। अन्य नियुक्तियों में अभिषेक कुमार सिंह को एम्स थाने, शैलेन्द्र सिंह यादव को राजघाट थाने, और आलोक कुमार सिंह को बांसगांव थाने की जिम्मेदारी दी गई है। सोशल मीडिया सेल में कार्यरत रहे सुमित कुमार को अब गोला थाने का नया प्रभार सौंपा गया है। इन सभी नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य थानों में मौजूद कार्यबल को अधिक सक्षम बनाना और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना है।
तबादलों के पीछे की मंशा और प्रशासनिक कारण
आगामी त्योहारों और चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर गोरखपुर पुलिस प्रशासन द्वारा यह कदम उठाया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि थानों में सुरक्षा बल को अधिक मजबूत करना प्राथमिकता है, ताकि कानून और व्यवस्था की स्थिति बेहतर बनी रहे। पुलिस लाइन में काफी लंबी अवधि से पदस्थ उपनिरीक्षकों को फील्ड में भेजने की रणनीति के तहत यह फैसला लिया गया है। माना जा रहा है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे हुए अधिकारियों को नए दायित्व सौंपने से विभाग में सक्रियता आएगी। इस कवायद का मुख्य लक्ष्य जिले की जमीनी पुलिसिंग को चुस्त-दुरुस्त करना और जनता के बीच सुरक्षा के माहौल को बेहतर बनाए रखना है। अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है ताकि चुनावी और त्यौहारों के समय में कोई प्रशासनिक कमी न रहे। कानून व्यवस्था से जुड़ी किसी भी प्रकार की कोताही से बचने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा यह नियमित प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे पुलिस व्यवस्था को एक नया आयाम दिया जा सके और फील्ड ड्यूटी पर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को भी बदलाव का अवसर मिल सके।