पांडेयपुरवा गांव में दीवार गिरने से तीन महिलाएं दबीं
हरदोई जिले के अंतर्गत आने वाले हरपालपुर इलाके के पांडेयपुरवा गांव में एक बड़ा हादसा सामने आया है। बुधवार के दिन यहां एक पुराने और गिरे हुए मकान के मलबे से अनाज निकालने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक से पास ही स्थित एक अन्य कच्ची दीवार भरभराकर नीचे आ गिरी। इस दुर्घटना के कारण वहां मलबे के नीचे तीन महिलाएं गंभीर रूप से दब गईं। घटनास्थल पर मौजूद लोगों में इस अचानक हुए हादसे से हड़कंप मच गया और चीख-पुकार शुरू हो गई। आसपास के ग्रामीण तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। परिजनों तथा स्थानीय नागरिकों ने मिलकर काफी देर तक भारी मशक्कत की और मलबे के नीचे फंसी तीनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला। महिलाओं को तुरंत एक एम्बुलेंस की सहायता से नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। अस्पताल में पहुंचने पर डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन उनकी शारीरिक स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई थी। चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज के बाद तीनों घायलों को तुरंत बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है ताकि उनका समुचित उपचार हो सके।
मलबे से गेहूं निकालते समय हुआ यह अचानक हादसा
इस दुखद दुर्घटना की पूरी पृष्ठभूमि यह है कि पांडेयपुरवा गांव के निवासी रामदत्त का मकान कुछ दिन पहले हुई भारी बारिश के कारण पूरी तरह से ढह गया था। तीन दिन पूर्व लगातार हुई मूसलाधार वर्षा ने उनके आशियाने को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया था। बुधवार के रोज रामदत्त की मां रामबेटी, उनकी भाभी राजेश्वरी और उनकी पत्नी गीता तीनों उस गिरे हुए घर के मलबे में बिखरे पड़े गेहूं को बीन रही थीं। वे सब मलबे से दाने निकालकर इकट्ठा करने में जुटी हुई थीं ताकि कुछ नुकसान को बचाया जा सके। उसी वक्त उनके पास की एक अन्य कच्ची दीवार अचानक से कमजोर होकर ढह गई। दीवार का वह बड़ा हिस्सा सीधे उन महिलाओं के ऊपर आ गिरा जो वहां काम कर रही थीं। इस मलबे की चपेट में आने से तीनों महिलाएं बुरी तरह से घायल हो गईं और दब गईं। हादसे की भनक लगते ही गांव के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर भागे और बिना एक पल गंवाए राहत कार्यों में जुट गए। एम्बुलेंस बुलाई गई और घायलों को तुरंत हरपालपुर के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को भांपते हुए उन्हें बिना देर किए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक और चिंता का माहौल बन गया है और परिवार के लोग बेहद परेशान हैं।
प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति का लिया जायजा
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक स्तर पर भी तुरंत हरकत देखी गई। स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग के कर्मचारी बिना किसी देरी के तुरंत पांडेयपुरवा गांव पहुंच गए। अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और पूरे हादसे की पूरी जानकारी जुटाई। बारिश के कारण हुए नुकसान और उसके बाद हुए इस दीवार ढहने के हादसे को लेकर प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया है। गांव वालों ने अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया और घायलों की स्थिति के बारे में जानकारी दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। राजस्व विभाग के कर्मी इस बात का आकलन करने में जुटे हैं कि बारिश के चलते और कितने मकानों या दीवारों को खतरा हो सकता है। घायलों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे मेडिकल कॉलेज में अपने करीबियों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। इस दुखद वाकये ने एक बार फिर कमजोर हो चुकी ग्रामीण कच्ची दीवारों और लगातार बारिश से उपजे खतरों को उजागर कर दिया है। डॉक्टर लगातार घायलों की सेहत पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और उनका उच्च स्तर पर इलाज किया जा रहा है।