काम पर नहीं लौटने वाले कर्मियों पर कार्रवाई
लखीमपुर स्थित जिला अस्पताल प्रबंधन ने कुल 50 ऐसे संविदा कर्मचारियों को औपचारिक नोटिस जारी किया है जो फिलहाल हड़ताल पर हैं। अस्पताल में कार्य बहिष्कार के कारण मरीजों का उपचार बुरी तरह बाधित हो रहा है और विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों की सेवाएं भी ठप पड़ी हैं। मंगलवार को भी जिला अस्पताल की ओपीडी नंबर चार, सात और आठ पर ताले लगे रहे। इनमें प्रमुख रूप से फिजिशियन, जीरियाट्रिक फिजिशियन और न्यूरोलॉजिस्ट से संबंधित परामर्श सेवाएं शामिल हैं। ओपीडी सेवाएं बंद होने की वजह से दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस आरके कोली ने स्पष्ट किया है कि ये कर्मचारी बिना किसी ठोस वजह के ड्यूटी से गायब हैं। अस्पताल प्रशासन ने इन सभी कर्मियों को तुरंत प्रभाव से अपने काम पर लौटने का अंतिम निर्देश दिया है ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य किया जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन का लिया जायजा
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ। संतोष गुप्ता ने हड़ताल के बीच गोला गोकर्णनाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखी और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की उपस्थिति पंजिका की बारीकी से जांच की और साफ-सफाई के स्तर को देखा। इसके अलावा उन्होंने वार्डों, प्रसव कक्ष और इमरजेंसी सेवाओं में मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की स्थिति देखी। दवा वितरण काउंटर पर दवाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। अस्पताल प्रबंधन को सीएमओ ने मरीजों के इलाज में कोई कोताही नहीं बरतने और अनुशासन बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान वहां सीएचसी अधीक्षक डॉ। मयंक मिश्रा के अलावा डॉ। अशोक बिहारी और डॉ। यामिनी बादल जैसे चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे। सीएमओ के निरीक्षण में सीएचसी की व्यवस्थाएं फिलहाल संतोषजनक और सुचारु रूप से चलती हुई पाई गईं।
हड़ताल के कारण और आगे की रणनीति
जिले में लगभग 1400 संविदा कर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार से ही लखनऊ में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। संविदा कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष विकास श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य स्तरीय संगठन के आदेशों का पालन करते हुए सभी कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर गए हैं। इस हड़ताल का असर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। जिले में कार्यरत 1000 नियमित कर्मचारी फिलहाल पूरी व्यवस्था का बोझ उठा रहे हैं। संविदा एएनएम के हड़ताल पर होने की वजह से नियमित एएनएम पर अतिरिक्त टीकाकरण का कार्यभार आ गया है। गोला और फरधान सीएचसी पर संविदा स्टाफ नर्सों द्वारा सेवाएं जारी रखने का दावा सीएमओ की ओर से किया गया है। यदि नोटिस पाने वाले 50 कर्मी जल्द काम पर वापस नहीं लौटे तो उन्हें एक और रिमाइंडर भेजा जाएगा। इसके बाद अस्पताल प्रशासन इन कर्मचारियों के विरुद्ध अगली कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करेगा। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज और आउटसोर्सिंग के जरिए वैकल्पिक व्यवस्था करके मरीजों का उपचार सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।