कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर      सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      "ट्रंप के बयान बेतुके और अस्वीकार्य": मैक्रों ने फ्रांस में दंगों पर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर किया पलटवार      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल

हस्तशिल्प उत्सव: ऊना के अंब क्षेत्र में पारंपरिक कनयाली शिल्प के लिए विशेष मेला शुरू

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंब उपमंडल में स्थानीय पारंपरिक कनयाली हस्तशिल्प और कला को बढ़ावा देने के लिए आज एक भव्य पांच दिवसीय क्षेत्रीय मेले का रंगारंग शुभारंभ किया गया।

X
Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 17:12
हस्तशिल्प उत्सव: ऊना के अंब क्षेत्र में पारंपरिक कनयाली शिल्प के लिए विशेष मेला शुरू
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंब मैदान में आज लोक संस्कृति और पारंपरिक दस्तकारी को समर्पित एक विशेष हस्तशिल्प मेले का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इस मेले में राज्य के विभिन्न जिलों से आए पारंपरिक शिल्पकार लकड़ी की नक्काशी, ऊनी शॉल, बांस के बर्तन और विशेष रूप से प्रसिद्ध कनयाली मिट्टी के बर्तन और कलाकृतियों का प्रदर्शन कर रहे हैं। उद्घाटन समारोह में स्थानीय पारंपरिक नृत्य और संगीत प्रस्तुत किया गया, जिसने वहां मौजूद दर्शकों का मन मोह लिया। जिला प्रशासन का यह आयोजन ग्रामीण कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और अपने उत्पादों के लिए उचित बाजार तलाशने का एक बड़ा मंच प्रदान कर रहा है।

स्थानीय कारीगरों को मिला नया प्रोत्साहन

मेले में स्टॉल लगाने वाले कई वरिष्ठ शिल्पकारों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से उनकी कला को पुनर्जीवित करने में बहुत मदद मिल रही है। आधुनिक मशीनीकरण के दौर में हाथ से बनाई जाने वाली वस्तुओं की मांग कम हो रही थी, लेकिन इस मेले के माध्यम से पर्यटक और युवा पारंपरिक शिल्पों के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। जिला उद्योग केंद्र द्वारा इन कारीगरों को आसान ऋण योजनाओं और डिजिटल भुगतान के तौर-तरीकों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है ताकि वे अपने व्यवसाय को और अधिक आधुनिक बना सकें।

सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण

आयोजकों ने बताया कि मेले के दौरान प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा जिसमें हिमाचल की लोकगाथाओं और नृत्य शैलियों की अद्भुत प्रस्तुतियां दी जाएंगी। बच्चों और युवाओं के लिए हस्तकला प्रतियोगिताएं भी रखी गई हैं ताकि नई पीढ़ी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहे। अंब क्षेत्र के इस मेले ने पहले ही दिन भारी संख्या में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आकर्षित किया है, जिससे क्षेत्रीय पर्यटन और व्यापार को भी उल्लेखनीय गति मिली है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज