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हस्तशिल्प विकास: कोटा के सांगोद क्षेत्र में कुम्हार समुदाय के लिए आधुनिक चाक वितरण समारोह

राजस्थान के कोटा जिले के सांगोद कस्बे में आज पारंपरिक कुम्हार समुदाय के उत्थान के लिए एक विशेष वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके तहत कारीगरों को बिजली चालित आधुनिक चाक सौंपे गए।

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Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 16:34
हस्तशिल्प विकास: कोटा के सांगोद क्षेत्र में कुम्हार समुदाय के लिए आधुनिक चाक वितरण समारोह
सांगोद के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान परिसर में आज सुबह आयोजित एक सादे समारोह में स्थानीय कुम्हार परिवारों को आधुनिक बिजली चालित चाक वितरित किए गए। पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देने और कारीगरों की शारीरिक मेहनत को कम करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब तक ये कारीगर लकड़ी के भारी चाक को हाथ से घुमाकर मिट्टी के बर्तन और दीये बनाते थे, जिसमें काफी समय और शारीरिक ऊर्जा की खपत होती थी। नए इलेक्ट्रिक चाक मिलने से न केवल उनके काम करने की गति बढ़ेगी बल्कि उत्पादकता में भी कई गुना इजाफा होगा। इस मौके पर क्षेत्र के दर्जनों कुम्हार कारीगर अपने परिवारों के साथ उपस्थित थे और उनके चेहरों पर एक नई उम्मीद साफ झलक रही थी।

उत्पादकता बढ़ने से सुधरेगी आर्थिक स्थिति

खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि इन आधुनिक उपकरणों के उपयोग से बर्तनों की गुणवत्ता में भी सुधार होगा और वे बाजार में अधिक आकर्षक कीमतों पर बिक सकेंगे। इसके अलावा, कारीगरों को डिजाइनिंग और पैकेजिंग का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि वे आधुनिक बाजार की मांगों के अनुरूप उत्पाद तैयार कर सकें। कारीगरों ने इस मदद के लिए प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि इससे उनके पुश्तैनी कारोबार को एक नई संजीवनी मिली है, जो पिछले कुछ वर्षों से मशीनीकरण के आगे पिछड़ रहा था।

युवाओं का पुश्तैनी पेशे की ओर झुकाव

इस आधुनिक तकनीक के आने से अब समुदाय के युवा भी इस पुश्तैनी काम से जुड़ने में रुचि दिखा रहे हैं। पहले शारीरिक थकान के कारण युवा इस क्षेत्र से दूर हो रहे थे, लेकिन अब बिजली से चलने वाले उपकरणों के कारण इसमें आसानी आ गई है। कार्यक्रम के अंत में स्थानीय अधिकारियों ने कारीगरों द्वारा बनाए गए सुंदर मिट्टी के बर्तनों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और उनके हुनर की जमकर तारीफ की।
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