घेनापुर में तालाब का पानी रिहायशी इलाकों में फैला
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के अंतर्गत आने वाले एलिया ब्लॉक के धेनापुर गांव में हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद गंभीर जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। इस मूसलाधार बारिश के चलते गांव के बीच स्थित कड़हा तालाब अपनी पूरी क्षमता से लबालब भर चुका है और उसका पानी अब लगातार बाहर निकल रहा है। तालाब का यह अतिरिक्त और गंदा पानी आसपास बने कई स्थानीय निवासियों के घरों के अंदर तक घुस गया है। पानी भर जाने के कारण इन मकानों में रहने वाले परिवारों को अपने ही घरों के भीतर जीवन जीने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस अचानक आई जलभराव की स्थिति से पूरे ग्रामीण इलाके में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
इन पांच ग्रामीणों के घरों में भरा पानी
तालाब का पानी ओवरफ्लो होकर धेनापुर गांव के कई विशिष्ट निवासियों के घरों में सीधे तौर पर घुस गया है जिससे उनका रोजमर्रा का जीवन बाधित हुआ है। प्राप्त विवरण के अनुसार जिन लोगों के घरों के भीतर पानी भरा है उनमें मुख्य रूप से रविंद्र राव्टर, रामपाल, सत्यपाल, ज्ञानू और विनोद शामिल हैं। इन सभी प्रभावित व्यक्तियों के घरों के कमरों और आंगन में पानी भर जाने से उनके घरेलू सामान को भी नुकसान की आशंका बनी हुई है। इतना ही नहीं बल्कि इन सभी घरों के ठीक आसपास बड़े पैमाने पर जलभराव हो जाने की वजह से लोगों का बाहर निकलना या आना-जाना बहुत अधिक मुश्किल हो गया है। सड़कों और रास्तों पर पानी जमा होने के कारण ग्रामीणों को अपने दैनिक कामकाज को पूरा करने के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों की प्रशासन से त्वरित मदद की गुहार
घरों के आसपास पानी जमा होने और दैनिक कामकाज पूरी तरह प्रभावित होने से परेशान होकर अब ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। पीड़ित ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन के सामने अपनी यह गंभीर समस्या रखते हुए तत्काल प्रभाव से राहत दिलाए जाने की पुरजोर मांग की है। उनकी मुख्य मांग है कि गांव में जमा हुए इस पानी को बाहर निकालने के लिए तुरंत उचित जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था की जाए। इसके अलावा उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि इस बड़ी समस्या का अतिशीघ्र उचित समाधान निकाला जाए ताकि उन्हें इस मुसीबत से जल्द से जल्द छुटकारा मिल सके। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम उठाए जाने के बाद ही उन्हें इस जलभराव के संकट से पूरी राहत मिल पाएगी।