अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन
हरियाणा के जिंद जिले में मंगलवार को बिजली विभाग के कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह पूरा विरोध प्रदर्शन जिंद स्थित अधीक्षण अभियंता यानी एसई कार्यालय के परिसर के भीतर आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभिन्न बिजली निगमों के कर्मचारी और विभिन्न मजदूर संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारी कर्मचारी सुबह के समय ही निर्धारित योजना के तहत एसई कार्यालय के मुख्य द्वार पर एकत्र होना शुरू हो गए थे। सभी ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए अपने गुस्से का इजहार किया और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज उठाई। कर्मचारियों के इस अचानक और आक्रामक रुख को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क हो गया था। कार्यालय परिसर के आसपास कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को भी तैनात किया गया था ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से समय रहते निपटा जा सके। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपने हाथों में बैनर और तख्तियां भी उठा रखी थीं जिन पर उनकी मुख्य मांगों का जिक्र किया गया था। सभी ने एक स्वर में अपनी लंबित समस्याओं के जल्द से जल्द समाधान की पुरजोर मांग उठाई और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने की बात भी कही।
केंद्र और प्रदेश सरकार के पुतले फूंके गए
जिंद में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बिजली कर्मचारियों का गुस्सा उस वक्त चरम पर पहुंच गया जब उन्होंने सरकारों के खिलाफ आक्रामक कदम उठाया। कर्मचारियों ने एसई कार्यालय के ठीक सामने केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के पुतले जलाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान सभी कर्मचारियों ने दोनों सरकारों की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी उपेक्षा किए जाने का गंभीर आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना था कि उनकी कई पुरानी मांगें लंबे समय से लंबित पड़ी हुई हैं लेकिन सरकारें इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही हैं। कर्मचारी नेताओं ने मौके पर मौजूद भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक उनकी सभी जायज मांगों को पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया जाता तब तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि आने वाले दिनों में सरकार ने बातचीत के जरिए समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। पुतला दहन के समय वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने भी तालियां बजाकर और नारे लगाकर इस कदम का पूरा समर्थन किया। सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया लेकिन कर्मचारियों का आक्रोश लगातार बढ़ता ही जा रहा था।
बिजली कर्मचारियों के आंदोलन की पृष्ठभूमि
भारत और विशेषकर हरियाणा राज्य में बिजली कर्मचारियों द्वारा इस तरह के विरोध प्रदर्शनों का एक लंबा और संघर्षपूर्ण इतिहास रहा है। जब भी कर्मचारियों को अपनी सेवाएं नियमित कराने, वेतन विसंगतियों को दूर कराने या पुरानी पेंशन योजनाओं को बहाल कराने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है तो वे आंदोलन का रास्ता चुनते हैं। इस प्रकार की खबरें देश भर के विभिन्न राज्यों में अक्सर देखने को मिलती हैं जहां बिजली निगमों के कर्मी अपनी कार्यप्रणाली और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवाज उठाते हैं। इस तरह के विरोध प्रदर्शनों का मुख्य उद्देश्य सरकार और उच्च प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान उन समस्याओं की ओर आकर्षित करना होता है जो लंबे समय से फाइलों में दबी रहती हैं। सामान्य पाठकों और आम जनता के लिए भी यह समझना आवश्यक है कि बिजली विभाग जैसी जरूरी सेवा से जुड़े कर्मचारियों की नाराजगी सीधे तौर पर बिजली आपूर्ति और दैनिक सेवाओं को प्रभावित कर सकती है। इस प्रकार के आंदोलनों से कई बार दफ्तरों का कामकाज बाधित होता है और आम नागरिकों को अपने बिजली बिल, नए कनेक्शन या अन्य शिकायतों के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ता है। हालांकि कर्मचारी संगठन हमेशा यह दावा करते हैं कि वे जनता को परेशान नहीं करना चाहते बल्कि यह उनकी मजबूरी होती है क्योंकि सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं होती है। आने वाले समय में यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि जिंद प्रशासन और सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और कर्मचारियों के साथ कोई ठोस समझौता हो पाता है या नहीं।