देहरादून एयरपोर्ट पर हवाई उड़ानों का संचालन बाधित उत्तराखंड के प्रमुख प्रवेश द्वार और राजधानी क्षेत्र के निकट स्थित देहरादून एयरपोर्ट पर मूसलाधार बारिश के चलते विमानों की आवाजाही पर सीधा असर देखने को मिला है। आसमान में छाए घने बादलों और लगातार बरस रहे पानी के कारण पायलटों के लिए रनवे पर दृश्यता कम हो गई, जिससे सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए कई उड़ानों के समय में बदलाव करना पड़ा या उन्हें कुछ समय के लिए रोकना पड़ गया। इस स्थिति से यात्रियों को टर्मिनल भवन के भीतर ही लंबा इंतजार करना पड़ा और विमानन कंपनियों को भी अपनी निर्धारित समय सारणी में फेरबदल करना जरूरी हो गया। स्थानीय मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों के बीच हवाई अड्डे के अधिकारियों ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या सुरक्षा संबंधी असुविधा से बचा जा सके और यात्रियों को सही समय पर उनकी यात्रा से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
पहाड़ी इलाकों में मौसम बिगड़ने के पारंपरिक कारण हिमालयी क्षेत्रों में मानसून या वर्षा ऋतु के दौरान मौसम का अचानक आक्रामक हो जाना एक बेहद आम और गंभीर चुनौती माना जाता है। जब कभी ऊपरी वायुमंडल में नमी बढ़ती है और मानसूनी हवाएं सक्रिय होती हैं, तब तराई और पर्वतीय क्षेत्रों में बादलों का डेरा जम जाता है। इस प्रकार की प्राकृतिक परिस्थितियों में सबसे बड़ी बाधा कम दृश्यता और तेज हवाओं का चलना होती है, जो विमानन सेवाओं के सुचारू संचालन को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और तमाम विमानन नियामक संस्थाओं के सख्त नियम यह सुनिश्चित करते हैं कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता न किया जाए। यही कारण है कि जब भी मौसम का मिजाज प्रतिकूल होता है, तो हवाई अड्डों पर एहतियात के तौर पर उड़ानों को नियंत्रित करने के कड़े निर्देश दिए जाते हैं ताकि किसी भी अनहोनी या दुर्घटना की संभावना को पूरी तरह से टाला जा सके।
यात्रियों की परेशानी और आगे की स्थिति पर नजर उड़ानों के बाधित होने की वजह से देहरादून एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है और कई लोगों की व्यावसायिक तथा व्यक्तिगत यात्राएं भी टल गई हैं। एयरलाइन कंपनियों के हेल्पडेस्क पर यात्रियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं जहां लोग अपनी कनेक्टिंग उड़ानों और टिकट रिफंड या रीशेड्यूलिंग के बारे में पूछताछ करते नजर आए। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी कुछ घंटों तक आसमान में बादलों का डेरा बना रह सकता है और छिटपुट बौछारें पड़ने की भी संभावना जताई जा रही है। ऐसे में प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सतर्क है और यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे घर से निकलने से पहले संबंधित एयरलाइंस से अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि जरूर कर लें। स्थिति सामान्य होते ही विमान सेवाओं को पूरी क्षमता के साथ बहाल किए जाने का प्रयास किया जाएगा ताकि यात्रियों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।