तिकोना पार्क के पास फैली गंदगी
रसूलाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तिकोना पार्क के चारों तरफ कचरे के बड़े-बड़े ढेर जमा हो गए हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार इस इलाके में पिछले चार दिनों से किसी भी सफाई कर्मचारी ने आकर सफाई कार्य नहीं किया है। पार्क के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि कचरा प्रबंधन की इस घोर लापरवाही के कारण वहां का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो चुका है। सड़कों और गलियों में कचरा फैलने के कारण लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि स्थानीय लोग अपने घरों से बाहर निकलने तक से कतराने लगे हैं। नगर निकाय की इस उदासीनता के कारण आम नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है और वे लगातार प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इस समस्या के कारण बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है।
बीमारियों का खतरा और स्थानीय चिंता
चार दिनों से लगातार कचरा जमा रहने के कारण तिकोना पार्क के आसपास भीषण बदबू और गंदगी का साम्राज्य फैल गया है। सड़ते हुए कचरे के कारण मक्खी और मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है जिससे इलाके में गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस दूषित वातावरण के चलते बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका से डरे सहमे नागरिकों ने कई बार इस समस्या की ओर संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया है। इसके बावजूद अभी तक इस दिशा में किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है और कूड़े के ढेर ज्यों के त्यों बने हुए हैं। लोग इस बात से बेहद चिंतित हैं कि यदि समय रहते इस कचरे को नहीं हटाया गया तो स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है। स्थानीय लोग अब इस बदतर हालात से निजात पाने के लिए प्रशासनिक अमले की त्वरित कार्रवाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
शहरी स्वच्छता व्यवस्था और सबक
स्थानीय निकायों और नगर पालिकाओं की यह जिम्मेदारी होती है कि वे अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से साफ-सफाई और कचरा उठाने का काम सुनिश्चित करें। जब इस प्रकार की आवश्यक सेवाएं कुछ दिनों के लिए भी बाधित हो जाती हैं तो आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। तिकोना पार्क जैसी सार्वजनिक जगहों पर इस तरह गंदगी का अंबार लगना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है। स्वच्छता अभियानों के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर इस प्रकार की लापरवाही नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ साबित होती है। इस तरह के मामलों से यह सबक मिलता है कि स्थानीय प्रशासन को वार्ड स्तर पर सफाई कर्मियों की उपस्थिति की नियमित निगरानी करनी चाहिए। जनता के स्वास्थ्य और स्वच्छता की सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है कि हर क्षेत्र में कचरे का उठाव तय समय पर हो। इस घटना के बाद से रसूलाबाद के अन्य हिस्सों के निवासी भी अपनी स्थानीय स्वच्छता व्यवस्था को लेकर खासे सतर्क और चिंतित नजर आ रहे हैं।