खेतों में बच्चों को मिली प्राचीन प्रतिमा
लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्र में उस समय ग्रामीणों की भीड़ जुट गई जब खेतों में खेल रहे दो बच्चों को जमीन के नीचे दबा हुआ एक प्राचीन शिवलिंग प्राप्त हुआ। गांव के निवासी सौरभ और साहिल जब अपने नियमित खेल के दौरान खेतों के समीप पहुंचे थे, तब उन्हें मिट्टी के नीचे दबी हुई एक विशेष वस्तु नजर आई। पूर्व बीडीसी विजय कश्यप के अनुसार, बच्चों ने जब वहां खुदाई की तो यह प्राचीन शिवलिंग पूरी तरह से बाहर निकल आया। यह शिवलिंग पूरी तरह से काले रंग का है और इसकी बनावट काफी पुरानी प्रतीत होती है। शिवलिंग के आसपास सर्प की आकृतियां भी खुदी हुई हैं जो इसे काफी आकर्षक बनाती हैं। इस अनूठी खोज की सूचना मिलते ही गांव के अन्य लोग भी खेतों की तरफ दौड़े और शिवलिंग को देखने के लिए बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। देखते ही देखते यह स्थान ग्रामीणों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है और लोग इसे एक दैवीय चमत्कार मानकर आश्चर्यचकित हैं।
मिट्टी खनन से सामने आया प्राचीन शिवलिंग
इस प्राचीन शिवलिंग के जमीन से बाहर आने का मुख्य कारण खेतों में किया गया पूर्व का मिट्टी खनन कार्य बताया जा रहा है। पूर्व में हुए खुदाई के कार्यों के चलते जमीन का ऊपरी हिस्सा हट गया था, जिससे यह शिवलिंग गहराई से बाहर की ओर आ गया। जब स्थानीय बच्चों को यह वस्तु दिखाई दी, तो उन्होंने इसकी सूचना गांव के बड़ों को दी। ग्रामीणों ने इसे एक पवित्र घटना मानकर सबसे पहले शिवलिंग की विधिवत सफाई की। इसके बाद, सभी ने मिलकर उस स्थान पर पूजा-अर्चना शुरू कर दी। लोग शिवलिंग के चारों ओर लिपटे हुए सर्प की आकृतियों को देखकर बेहद हैरान हैं और इसे एक प्राचीन धरोहर के रूप में देख रहे हैं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों के मन में इस प्रतिमा को लेकर काफी कौतूहल बना हुआ है और वे इसे काफी प्राचीन बता रहे हैं। गांव के लोगों ने इसे दैवीय कृपा का संकेत मानते हुए श्रद्धा के साथ वहां अपनी आस्था प्रकट की है, जिसके चलते वहां निरंतर लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है।
ग्रामीणों में बनी आस्था और कौतूहल की स्थिति
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और शिवलिंग को देखने के लिए ग्रामीणों में उत्सुकता बनी हुई है। ग्रामीणों का मानना है कि यह शिवलिंग सदियों पुराना है और जमीन के भीतर से इसका मिलना कोई सामान्य घटना नहीं है। जिस प्रकार से सर्प की आकृतियां इस प्रतिमा से लिपटी हुई बनी हैं, वे इसे एक विशिष्ट धार्मिक महत्व प्रदान कर रही हैं। लोग इसे एक दैवीय चमत्कार की संज्ञा दे रहे हैं और अपने-अपने तरीके से इसके इतिहास के बारे में कयास लगा रहे हैं। गांव के निवासियों द्वारा की गई सफाई और पूजा ने इस स्थान को एक आस्था के केंद्र में बदल दिया है। वर्तमान में वहां निरंतर लोगों का आना-जाना जारी है और वे इस प्राचीन शिवलिंग के दर्शन करने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहे हैं। यह घटना इलाके के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि मिट्टी खनन के दौरान ऐसी दुर्लभ वस्तु का अचानक मिलना लोगों के बीच कौतूहल और श्रद्धा का एक बड़ा कारण बन गया है।