कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'आजम थे, हैं और रहेंगे, फर्जी मुकदमे लंबे समय तक उन्हें कैद नहीं रख सकते', जेल में मुलाकात के बाद बोले अखिलेश      CJP के सौरव दास-आशुतोष रांका को क्राइम ब्रांच ने बुलाया, नोटिस में क्या लिखा?      सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?      तिब्बत में 7 की तीव्रता के भूकंप ने मचाई तबाही, 16 लोगों की मौत, 32 लोग घायल; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी      गोल्डी ने कहा था- घर गिरा दो, वापस नहीं आऊंगा: लॉरेंस के साथ गैंगस्टर बना, अमेरिका को तलाश; पंजाब में घर खा...      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      चुनाव आयोग अधिकारी पर बिना चर्चा फैसले लेने का आरोप: संधू-जोशी ने कैबिनेट सचिव से शिकायत की थी, कार्रवाई नह...      UP, बिहार और महाराष्ट्र समेत 4 राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर आज वोटिंग, CM योगी के गढ़ में सपा से सीधी टक्कर     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल ब्रेकिंग

लखनऊ में जलभराव: रात भर जागते रहे लोग, आंगन में भरा पांच फीट पानी

लखनऊ के विभिन्न इलाकों में भारी जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। निवासियों को रात भर जागकर पानी के बढ़ते स्तर के बीच खुद को सुरक्षित रखने का प्रयास करना पड़ा।

A
Ankit Yadav
03 अक्ट 2026, 16:40
लखनऊ में जलभराव: रात भर जागते रहे लोग, आंगन में भरा पांच फीट पानी

जलभराव की भीषण स्थिति और रात का मंजर

लखनऊ के कई आवासीय क्षेत्रों में भारी वर्षा और जल निकासी की समस्या के चलते गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। स्थानीय निवासियों के लिए बीती रात बेहद कठिन रही क्योंकि उनके घरों के आंगन में पांच फीट तक पानी भर गया था। इस जलस्तर के कारण लोगों को रात भर जागकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी पड़ी। घरों में पानी घुसने से न केवल दैनिक दिनचर्या बाधित हुई है, बल्कि लोगों में असुरक्षा का भाव भी पैदा हुआ है। कई क्षेत्रों में गलियां और मुख्य सड़कें पूरी तरह से पानी में डूबी हुई नजर आ रही हैं, जिससे आवागमन भी पूरी तरह ठप पड़ गया है। लोगों का कीमती सामान और घरेलू उपकरण इस पानी की चपेट में आने से खराब होने की खबरें सामने आ रही हैं। आवासीय परिसरों में जल निकासी का कोई पुख्ता इंतजाम न होने के कारण यह स्थिति और अधिक विकट हो गई है। प्रभावित परिवारों ने पूरी रात इस डर में बिताई कि यदि पानी का स्तर और बढ़ा तो हालात और भी अधिक भयावह हो सकते हैं। यह संकट तब गहरा गया जब देर रात तक पानी बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला।

प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और चुनौती

लखनऊ में जलभराव के कारण हुए नुकसान और लोगों की परेशानियों का ब्यौरा सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पांच फीट तक भरा पानी यह स्पष्ट करता है कि जल निकासी प्रणालियों में भारी खामियां मौजूद हैं। प्रभावित निवासियों ने बताया कि पानी अचानक से बढ़ने के कारण उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और घर के निचले हिस्सों में रखा सारा सामान भीग गया। बुजुर्गों और बच्चों के लिए इस स्थिति में घर के अंदर रहना किसी चुनौती से कम नहीं था। स्थानीय लोगों ने मिलकर पानी को बाहर निकालने के प्रयास किए लेकिन लगातार भर रहे पानी के आगे उनकी मेहनत नाकाफी साबित हुई। जलभराव के चलते बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है, जिससे निवासियों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। अधिकारियों द्वारा स्थिति को संभालने के लिए किए जाने वाले दावों के बीच, धरातल पर लोग बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जूझ रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पानी के जमाव से संक्रमण फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है, जिससे स्थानीय लोग स्वास्थ्य के प्रति और अधिक चिंतित दिखाई दे रहे हैं।

शहर की जल निकासी और भविष्य की चिंता

लखनऊ में जलभराव की यह समस्या केवल एक दिन की बारिश का परिणाम नहीं है, बल्कि यह शहरी नियोजन में व्याप्त कमियों की ओर भी संकेत करती है। पृष्ठभूमि के तौर पर देखें तो, ऐसे मौकों पर जब भारी बारिश होती है, तो शहर के कई इलाकों की जल निकासी व्यवस्था विफल हो जाती है। जब पानी की निकासी के लिए बने नाले और नालियां पहले से ही अवरुद्ध हों, तो जलभराव की स्थिति का उत्पन्न होना स्वाभाविक है। सामान्य तौर पर, किसी भी बड़े शहर के लिए प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम का होना अनिवार्य है ताकि जलजमाव न हो। ऐसी घटनाएं न केवल संपत्ति का नुकसान करती हैं, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी बुरी तरह से प्रभावित करती हैं। शहर के बुनियादी ढांचे का विकास इस तरह से होना चाहिए कि वह अत्यधिक वर्षा को झेल सके। आगामी समय में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को ड्रेनेज सिस्टम की सफाई और विस्तार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। निवासियों के लिए यह स्थिति किसी आपदा से कम नहीं है, जिसके चलते भविष्य में जलभराव को रोकने के लिए ठोस और स्थायी समाधान की मांग जोर पकड़ती जा रही है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज