अवध ग्रीन अपार्टमेंट में हुई दुखद घटना
लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट से गिरकर शिवा शर्मा नाम के एक कारोबारी की दर्दनाक मौत हो गई। शिवा शहर में चिकन का व्यवसाय करने के साथ-साथ एक कैफे भी संचालित करते थे। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शिवा की मां रंजना ने बेटे की मौत को महज एक हादसा मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह एक सोची-समझी हत्या है। पुलिस ने रंजना की शिकायत को आधार बनाकर कानूनी कार्रवाई शुरू की है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं हो सकी है। विभिन्न पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और फॉरेंसिक साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है ताकि सच्चाई का पता चल सके। पूरी घटना के बाद से पुलिस की टीमें हर एंगल से मामले को देख रही हैं।
लिव-इन पार्टनर पर हनीट्रैप की गंभीर शिकायत
मृतक की मां रंजना ने श्रद्धा दुबे नामक महिला पर अपने बेटे को हनीट्रैप के जाल में फंसाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मां का कहना है कि श्रद्धा ने एक कैफे में शिवा से मुलाकात की थी और बाद में उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इस कथित ब्लैकमेल के चलते ही शिवा को श्रद्धा के साथ लिव-इन में रहने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि श्रद्धा अक्सर शिवा को सिगरेट से जलाकर प्रताड़ित करती थी। पुलिस ने मां की दी हुई तहरीर पर श्रद्धा दुबे के अलावा उनकी बहन और तारिक व आदिल नामक व्यक्तियों के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज की है। श्रद्धा दुबे के इंस्टाग्राम पर लगभग डेढ़ लाख फॉलोअर्स हैं और वह बाउंसरों के साथ एक लग्जरी जीवनशैली बिताने के लिए जानी जाती है। पुलिस को श्रद्धा के वर्तमान लोकेशन के दिल्ली में होने के संकेत मिले हैं, जिसकी पुष्टि करने का प्रयास किया जा रहा है।
बीते साल का आपराधिक इतिहास और जांच
शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुरानी घटनाओं का भी जिक्र सामने आया है, जो जांच का अहम हिस्सा है। पिछले साल शिवा ने एक कैफे के बाहर फायरिंग की थी, जिसके बाद एसटीएफ ने उन्हें बिहार से गिरफ्तार किया था। इस आपराधिक पृष्ठभूमि के कारण पुलिस अब यह भी खंगाल रही है कि क्या उनकी मौत का इस पुरानी घटना से कोई सीधा संबंध है। पुलिस का कहना है कि अभी जांच शुरुआती चरणों में है और आरोपित पक्ष का बयान आना भी बाकी है। श्रद्धा दुबे और अन्य नामजद व्यक्तियों की भूमिका की स्पष्टता जांच पूरी होने के बाद ही संभव हो पाएगी। मृतक की मां द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस किसी भी कयास को जल्दबाजी में सही नहीं मान रही है। मामले के सभी पहलुओं और घटनाक्रम की कड़ियों को आपस में जोड़कर पुलिस यह तय करने की कोशिश में है कि इस मौत के पीछे की असली वजह क्या रही थी।