पंडाल में करंट फैलने से चार की मौत मध्य प्रदेश के मंडला जिले के अंतर्गत सामने आई इस वीभत्स दुर्घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है जब गणेश उत्सव के एक पंडाल में अचानक से बिजली का करंट तेजी के साथ फैल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह दुखद हादसा मूर्ति विसर्जन के तुरंत बाद की रात में घटित हुआ जब सात से आठ युवक पंडाल परिसर के भीतर ही थके होने के कारण गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक प्रवाहित हुए खतरनाक विद्युत प्रवाह की चपेट में आने से चार बेकसूर युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस प्रशासन को जब इस बात की तुरंत सूचना मिली तो उन्होंने फौरन राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए सभी पीड़ितों को नजदीकी चिकित्सा केंद्र पहुंचाया जहाँ घायलों का उपचार किया जा रहा है और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि कानूनी प्रक्रिया को समय पर पूरा किया जा सके।
त्योहारों के दौरान सुरक्षा और लापरवाही सार्वजनिक आयोजनों और त्योहारों के समय इस तरह की दुर्घटनाओं का बार-बार सामने आना पूरे समाज और प्रशासन के लिए गहरी चिंता का विषय बनता जा रहा है। आमतौर पर गणेश उत्सव या अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान पंडालों में अस्थायी बिजली के कनेक्शन लिए जाते हैं जहाँ भारी संख्या में लोग और विशेषकर युवा सेवा कार्य के लिए रात के समय भी वहीं विश्राम करते हैं। ऐसे स्थानों पर यदि विद्युत वायरिंग की गुणवत्ता पर ध्यान न दिया जाए या अर्थिंग की उचित व्यवस्था न हो तो हल्की सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। बिजली विभागों और आयोजन समितियों को सुरक्षा के कड़े मानदंडों का पालन करना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की शॉर्ट सर्किट या करंट लीकेज जैसी घटनाओं से समय रहते बचा जा सके। इस प्रकार की त्रासदियां न केवल परिवारों को कभी न भरने वाला गहरा जख्म देती हैं बल्कि पूरे इलाके में मातम का माहौल पैदा कर देती हैं जिससे हर कोई शोक की लहर में डूब जाता है और भविष्य में ऐसी चेतावनियों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता महसूस होती है।
प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई इस दुखद हादसे के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर किन कारणों से और किस लापरवाही के चलते पंडाल में इतना खतरनाक करंट फैला जिससे इतनी बड़ी जनहानि हो गई। सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी जा रही है तथा हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं ताकि इस मुश्किल वक्त में उनके दुखों को कुछ कम किया जा सके। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र के अन्य पूजा पंडालों और आयोजनों में भी बिजली की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है और आयोजकों को सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतें। भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए बिजली सुरक्षा के नियमों का कड़ाई से पालन कराना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है ताकि किसी अन्य निर्दोष की जान खतरे में न पड़े।