बूथों पर विशेष पंजीकरण शिविर का आयोजन
गोरखपुर के हर मतदान केंद्र पर आज विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 अभियान के तहत नए मतदाताओं का पंजीकरण करना है। वे युवा जो पहली बार मताधिकार प्राप्त कर रहे हैं, वे इन बूथों पर जाकर अपना नाम सूची में दर्ज करवा सकते हैं। इसके अलावा, जो पात्र नागरिक पिछली सूची में अपना नाम जुड़वाने से चूक गए थे, उन्हें भी अपना आवेदन जमा करने का मौका मिलेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा ने सभी पात्र व्यक्तियों से इन शिविरों का लाभ लेने का आग्रह किया है। मतदान केंद्रों पर हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है, जहाँ आवेदक फॉर्म-छह भरने में मदद ले सकेंगे। ये शिविर विशेष रूप से उन लोगों के लिए हैं जो अभी तक मतदाता सूची का हिस्सा नहीं बन पाए हैं। बीएलओ के पास सभी आवश्यक दस्तावेज और पूरक सूचियां मौजूद रहेंगी ताकि पंजीकरण प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
पंजीकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और प्रक्रिया
आवेदन करने वाले नागरिकों को अपने साथ कुछ जरूरी दस्तावेज लाने होंगे। मतदाताओं को अपनी हालिया खींची हुई तस्वीर और निवास प्रमाण पत्र व जन्मतिथि सिद्ध करने वाले अभिलेखों की स्वप्रमाणित फोटोकॉपी साथ लानी होगी। यदि परिवार के किसी अन्य सदस्य का मतदाता कार्ड उपलब्ध है, तो उसका नंबर भी आवेदन में देना लाभकारी सिद्ध होगा। सदर तहसील के एसडीएम ज्ञान प्रताप सिंह ने सभी बीएलओ और सुपरवाइजरों के साथ बैठक कर गोरखपुर शहर, ग्रामीण और पिपराइच क्षेत्रों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी बीएलओ को समय से अपने संबंधित बूथों पर पहुँचने और आवेदन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। आवेदन भरने के बाद उसे संबंधित बीएलओ के पास जमा करना अनिवार्य है। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि बूथ स्तर पर ही हर योग्य व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दर्ज किया जाए और किसी भी पात्र नागरिक का पंजीकरण छूटने न पाए।
पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय-सीमा और भविष्य की कार्ययोजना
मतदाता सूची को अपडेट करने की यह प्रक्रिया आने वाले महीनों में जारी रहेगी। जिला प्रशासन के अनुसार, मतदान केंद्रों के पुनर्गठन का काम आगामी 2 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। एकीकृत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 12 नवंबर को किया जाएगा, जिस पर 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। इन आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा, जिसके बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची सार्वजनिक होगी। मतदान केंद्रों के भौतिक सत्यापन और नए भवनों को चिन्हित करने का कार्य 16 अक्टूबर से 18 अक्टूबर के बीच किया जाएगा। 19 अक्टूबर को मतदान केंद्रों की प्रारूप सूची जारी होगी, और 26 अक्टूबर तक इसकी अंतिम सूची तैयार कर ली जाएगी। डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे आधिकारिक जानकारी ही साझा करें और किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों को फैलने से रोकें। सभी दलों से समय पर अपने सुझाव देने के लिए भी कहा गया है ताकि चुनाव प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हो सके।