जेल के अंदर कैदी से मोबाइल बरामद होने की घटना
थाना सदर नाभा की पुलिस को हाल ही में एक महत्वपूर्ण और गंभीर शिकायत प्राप्त हुई है। यह शिकायत नई जिला जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट परगट सिंह द्वारा दर्ज करवाई गई है। शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि जेल परिसर के भीतर एक तलाशी अभियान चलाया गया था। यह तलाशी अभियान एक विशेष गुप्त सूचना के आधार पर पूरी सावधानी के साथ आयोजित किया गया था। इसी तलाशी प्रक्रिया के दौरान जेल के अंदर बंद एक कैदी के कब्जे से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किया गया। बरामद किए गए इस उपकरण में एक टच मोबाइल फोन और उसके साथ एक सिम कार्ड भी शामिल था। इस कैदी की पहचान इंद्रजीत सिंह के रूप में हुई है जो मूल रूप से कपूरथला का रहने वाला है। जेल अधिकारियों द्वारा इस तरह के प्रतिबंधित उपकरणों का अंदर मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। पुलिस अधिकारियों ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस द्वारा दर्ज मामला और आगे की कानूनी कार्रवाई
कैदी के पास से मोबाइल और सिम कार्ड मिलने के बाद जेल प्रशासन ने तुरंत कानूनी कदम उठाया है। सहायक सुपरिंटेंडेंट परगट सिंह की आधिकारिक शिकायत मिलने के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आ गई। थाना सदर नाभा की पुलिस ने इस संबंध में औपचारिक रूप से मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि अभी तक पुलिस ने प्राथमिकी में किसी विशिष्ट व्यक्ति का नाम मुख्य आरोपी के रूप में दर्ज नहीं किया है। पुलिस ने इस मामले को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज करके अपनी तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह प्रतिबंधित सामान जेल के सुरक्षा घेरे को भेदकर अंदर तक कैसे पहुंचा। क्या इस गतिविधि में जेल के भीतर के किसी अन्य व्यक्ति या बाहर के किसी शख्स की संलिप्तता थी, इसकी भी गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस महकमे के अधिकारी इस बात को लेकर भी सतर्क हैं कि इस मोबाइल का उपयोग किन अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। सभी संबंधित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
विभिन्न एंगल से चल रही है पुलिस की व्यापक जांच
कैदी इंद्रजीत सिंह के पास से टच मोबाइल और सिम कार्ड बरामद होने के बाद जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच किसी एक निश्चित दिशा में सीमित रखकर नहीं कर रही है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अलग-अलग एंगल से इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच करने में जुटे हुए हैं। जांच के दौरान यह मुख्य रूप से खंगाला जा रहा है कि कपूरथला निवासी इस कैदी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे। इसके अलावा यह भी तकनीकी रूप से जांचा जा रहा है कि इस मोबाइल फोन से हाल ही में किन-किन नंबरों पर बातचीत की गई है। जेल के अंदर इस तरह की अवैध चीजें मिलने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी मंथन शुरू हो गया है। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इस साजिश या लापरवाही के पीछे जो भी लोग जिम्मेदार हैं, उन्हें जल्द से जल्द बेनकाब किया जा सके। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और नए खुलासे होने की पूरी संभावना बनी हुई है क्योंकि पुलिस अपनी तकनीकी और मैदानी जांच को लगातार आगे बढ़ा रही है।