कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर      'इतना अन्याय किसी परिवार के ऊपर नहीं हुआ होगा...', अखिलेश यादव ने आजम खान के लिए ऐसा क्यों कहा?      अनशन खत्म कराने डिप्टी CM ने लिए थे 500 करोड़? एकनाथ शिंदे vs मनोज जरांगे के बीच अब क्या पंगा      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      गूगल के CEO सुंदर पिचाई से बोले ट्रंप- अभी अटलांटिक का नाम बदलो, फिर मैं प्रशांत      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल

परंपरागत कला: जयपुर के आमेर क्षेत्र में स्थानीय हस्तशिल्पकारों के लिए आज विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ आयोजन

राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज जयपुर के ऐतिहासिक आमेर कस्बे में पारंपरिक हस्तशिल्पकारों के लिए एक दिवसीय उन्नत कौशल विकास कार्यशाला शुरू की गई।

X
Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 15:52
परंपरागत कला: जयपुर के आमेर क्षेत्र में स्थानीय हस्तशिल्पकारों के लिए आज विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ आयोजन
गुलाबी शहर जयपुर के प्रसिद्ध ऐतिहासिक पर्यटन स्थल आमेर के कला भवन में आज पारंपरिक हस्तशिल्प और ब्लॉक प्रिंटिंग से जुड़े हुनरमंद कारीगरों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला उद्योग केंद्र और राज्य कला एवं संस्कृति परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक बाजार की मांग के अनुसार अपनी कला में नवीनता लाने के लिए प्रेरित करना है। कार्यशाला में राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए मास्टर शिल्पकारों ने लगभग सौ से अधिक युवाओं और स्थानीय कारीगरों को डिजाइनिंग, प्राकृतिक रंगों के प्रयोग और डिजिटल विपणन के गुर सिखाए।

डिजिटल माध्यमों से वैश्विक बाजार तक पहुंच

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने कारीगरों को समझाया कि वे कैसे अपने हस्तनिर्मित उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-विदेश के ग्राहकों तक पहुंचा सकते हैं। इसके साथ ही पैकेजिंग और गुणवत्ता नियंत्रण पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए ताकि अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरने वाली वस्तुएं तैयार की जा सकें। जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों ने बताया कि सरकार पारंपरिक कला को पुनर्जीवित करने के लिए इन कारीगरों को आसान ऋण और आधुनिक औजार खरीदने के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आ सके।

युवा पीढ़ी का पारंपरिक कला के प्रति बढ़ता रुझान

इस कार्यशाला में आमेर और आसपास के गांवों के कई युवा भी शामिल हुए जिन्होंने बड़ी उत्सुकता के साथ पारंपरिक कशीदाकारी और ब्लॉक प्रिंटिंग की बारीकियों को सीखा। युवा कारीगरों का कहना था कि यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीक मिल जाए तो वे अपनी खानदानी कला को एक नए मुकाम पर ले जा सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी भाग लेने वाले शिल्पकारों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और उनके द्वारा तैयार की गई उत्कृष्ट कलाकृतियों की एक छोटी प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसे देखने पहुंचे पर्यटकों ने खूब सराहा।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज