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परीक्षा संकट: जयपुर में ऑनलाइन टेस्ट के दौरान बिजली गुल होने से मचा हड़कंप

जयपुर में एक ऑनलाइन परीक्षा के दौरान बिजली गुल होने से बड़ा व्यवधान उत्पन्न हो गया, जिससे परीक्षार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

A
Ankit Yadav
22 अग 2026, 13:54
परीक्षा संकट: जयपुर में ऑनलाइन टेस्ट के दौरान बिजली गुल होने से मचा हड़कंप
शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल तौर-तरीकों का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याएं भी लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक ऐसी ही हैरान करने वाली और चिंताजनक घटना सामने आई है जिसने ऑनलाइन परीक्षाओं की व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन किया जा रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र भाग ले रहे थे। परीक्षा सुचारू रूप से चल रही थी कि अचानक तकनीकी और बिजली आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई।

बिजली कटौती से उम्मीदवारों का भविष्य अधर में

परीक्षा की निर्धारित अवधि कुल दो घंटे की थी, लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि इस पूरी समयावधि के दौरान मात्र 45 मिनट ही बिजली मिल पाई। शेष समय में बिजली पूरी तरह गायब रही, जिसके कारण कंप्यूटर स्क्रीन बंद हो गए और सर्वर से जुड़े ऑनलाइन कार्य बाधित हो गए। इस प्रकार की अप्रत्याशित बाधा के कारण परीक्षा दे रहे छात्र बुरी तरह तनाव में आ गए। कई उम्मीदवारों का कहना था कि वे तय समय के भीतर अपने प्रश्न हल कर रहे थे, लेकिन अचानक हुई बिजली कटौती ने उनके पूरे पेपर को प्रभावित कर दिया। डिजिटल परीक्षाओं के लिए पावर बैकअप और अन्य जरूरी इंतजामों के दावों की यहाँ पूरी तरह पोल खुलती नजर आई।

प्रशासन और परीक्षा केंद्रों की लापरवाही पर उठ रहे सवाल

इस प्रकार की घटनाओं से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होने का अंदेशा बना रहता है। जब भी कोई बड़ी ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाती है, तो परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जनरेटर या वैकल्पिक व्यवस्था होनी अनिवार्य मानी जाती है। बावजूद इसके, यदि दो घंटे के महत्वपूर्ण पेपर में केवल 45 मिनट ही बिजली रहे, तो यह सीधे तौर पर प्रबंधन की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। छात्रों और उनके अभिभावकों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। उनका मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और प्रभावित परीक्षार्थियों को दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलना चाहिए ताकि किसी भी छात्र का अहित न हो।

भविष्य के लिए कड़े सबक और सुधार की जरूरत

इस घटना ने देश भर के परीक्षा आयोजित करने वाले संस्थानों को एक बड़ा सबक दिया है। जब तक डिजिटल बुनियादी ढांचे को पूरी तरह मजबूत और त्रुटिहीन नहीं बनाया जाता, तब तक छात्रों का भविष्य हमेशा जोखिम में रहेगा। संबंधित विभागों और प्रशासन को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में इस तरह की तकनीकी खामियां दोबारा न दोहराई जाएं। जयपुर की इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि कागजी कार्रवाई और दावों से परे धरातल पर अभी भी कई मोर्चों पर भारी सुधार की गुंजाइश बाकी है।
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