शिमला में यातायात की सुस्त रफ्तार
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में इन दिनों पर्यटकों की भारी आमद देखने को मिल रही है। शहर के भीतर स्थित छोटा शिमला, लक्कड़ बाजार, संजौली और भट्टाकुफर जाने वाले मार्गों पर गाड़ियों का भारी दबाव देखा गया। सर्कुलर रोड पर वाहनों की आवाजाही दिन भर बेहद धीमी गति से होती रही, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर में ट्रैफिक जाम होने का मुख्य कारण पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में आए सैलानियों के निजी वाहन हैं। सड़कों के किनारे मनमाने ढंग से खड़ी गाड़ियों ने भी स्थिति को बदतर बना दिया है, जिससे सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है। बड़ी टूरिस्ट बसें और अन्य भारी वाहन इन संकरी जगहों पर घंटों तक फंसे रहे, जिससे शिमला बाईपास पर भी यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय निवासियों और चालकों का मानना है कि यदि सड़क किनारे खड़ी इन गाड़ियों को तुरंत हटवाया जाता तो आम जनता को इस भीषण जाम से राहत मिल सकती थी।
परवाणू टोल प्लाजा पर वाहनों की कतारें
हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने वाले मुख्य मार्ग परवाणू में भी शुक्रवार को भारी ट्रैफिक देखा गया। सुबह से ही गाड़ियों की संख्या बढ़ने के कारण टोल प्लाजा के आसपास लगभग दो किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। दोपहर चार बजे तक स्थिति तनावपूर्ण रही और लोग जाम में फंसे रहे। पांच एंट्री लेन उपलब्ध होने के बावजूद अचानक बढ़े वाहनों के दबाव के कारण प्रबंधन करना मुश्किल हो गया था। जाम में पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी घंटों फंसे रहे, जिससे वाहनों के इंजन गर्म होने की समस्या भी सामने आई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए यातायात पुलिस को मौके पर तैनात किया गया था। इस दौरान मनाली और कसौली जैसे अन्य पर्यटन स्थलों पर भी ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ गया। मनाली में पिछले दो दिनों में चार हजार से अधिक पर्यटक वाहन पहुंचे हैं, जहां से लोग रोहतांग, सिस्सू, अटल टनल और सोलंगनाला की ओर रवाना हुए हैं।
पर्यटन कारोबार के लिए भीड़ से राहत
सड़कों पर लगे जाम से यात्रियों को भले ही भारी परेशानी उठानी पड़ी हो, लेकिन यह भीड़ हिमाचल प्रदेश के पर्यटन उद्योग के लिए शुभ संकेत लेकर आई है। लंबे समय से कारोबार में सुस्ती देख रहे होटल व्यवसायियों के चेहरों पर अब मुस्कान है। शिमला में होटल ऑक्यूपेंसी बढ़कर 70 फीसदी तक पहुंच गई है, जो कि एक सकारात्मक बदलाव है। मनाली में भी सप्ताहांत के दौरान होटल बुकिंग का आंकड़ा 50 फीसदी से अधिक रहा है। पर्यटन कारोबार में आई यह तेजी व्यापारियों के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि वे लंबे समय से पर्यटकों के आने का इंतजार कर रहे थे। राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्रों पर बड़ी संख्या में लोगों के आने से होटल और अन्य संबंधित सेवाओं को काफी मजबूती मिली है। भविष्य में भी होटल मालिक इसी तरह के सकारात्मक माहौल की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिल सके।