भोपाल में पर्यटन का बड़ा आयोजन
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चार दिवसीय मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 एग्जिबिशन चल रहा है। इस बड़े आयोजन में पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, तकनीक और ग्रामीण पर्यटन के विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित किया जा रहा है। मेले में कुल 177 स्टॉल्स लगाए गए हैं जो देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। इन स्टॉल्स के जरिए होटल, रिसॉर्ट, ट्रैवल ऑपरेटर्स और होमस्टे जैसी सुविधाओं को व्यावसायिक मंच दिया गया है। प्रदेश की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को भी यहाँ प्रमुखता से स्थान मिला है। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र के सभी हितधारकों को एक साथ लाकर व्यावसायिक साझेदारियां बढ़ाना है। साथ ही, मध्य प्रदेश को विश्व स्तर पर एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाना भी इस आयोजन का लक्ष्य है। प्रदर्शनी में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपनी सेवाएं और अनुभव साझा कर रहे हैं। यह आयोजन पर्यटन जगत के लिए एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक अवसर साबित हो रहा है।
तकनीक और एआई का अनूठा संगम
मध्य प्रदेश पर्यटन के पवेलियन में आधुनिक तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया गया है। यहाँ की सांस्कृतिक विरासत, वन्यजीव और ऐतिहासिक स्मारकों को डिजिटल स्क्रीन और कियोस्क के जरिए दिखाया जा रहा है। पवेलियन का सबसे बड़ा आकर्षण मोगली नाम का एआई अवतार है। यह एआई अवतार पर्यटकों को प्रदेश के पर्यटन स्थलों के बारे में विस्तार से जानकारी देता है। मोगली पर्यटकों की पसंद के अनुसार उनकी यात्रा के लिए कार्यक्रम यानी इटिनरेरी तैयार करने में मदद करता है। इसके साथ ही, प्रदर्शनी के विभिन्न स्टॉल्स पर बाघ प्रिंट, चंदेरी साड़ियां और भील आर्ट जैसी हस्तशिल्प वस्तुएं मौजूद हैं। ये स्टॉल्स स्थानीय शिल्पकारों और कलाकारों को एक व्यापक बाजार से जोड़ने का काम कर रहे हैं। इस डिजिटल नवाचार के माध्यम से मध्य प्रदेश पर्यटन पर्यटकों की यात्रा योजना को और अधिक सरल एवं सुविधाजनक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
ग्रामीण संस्कृति और सतत विकास पर जोर
इस आयोजन में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रदर्शनी भी तैयार की गई है। यहाँ पर्यटक मिट्टी के बर्तन बनाने की कला, बैलगाड़ी की सवारी और लोक संगीत का आनंद ले रहे हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य पर्यटकों को गांव की वास्तविक जीवनशैली से रूबरू कराना है। इससे स्थानीय कलाकारों और समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। प्रदर्शनी में पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। पूरा आयोजन सिंगल-यूज प्लास्टिक से मुक्त है और यहाँ पेपरलेस व्यवस्था लागू की गई है। मेहमानों के लिए जूट की किट और मिट्टी के बर्तनों का उपयोग प्रोत्साहित किया जा रहा है। अतिथियों के परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रबंध किया गया है ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके। सतत पर्यटन के प्रति प्रदेश की यह प्रतिबद्धता भविष्य में पर्यटन विकास के नए मानक स्थापित करेगी।