आठ हजार हेक्टेयर क्षेत्र का व्यापक खाका उत्तराखंड के भीतर स्थित विशाल और खूबसूरत टिहरी झील के कुल आठ हजार हेक्टेयर क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार करने का बड़ा निर्णय लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य इस जलीय क्षेत्र और इसके आसपास के भूभाग को पर्यटकों के लिए अधिक आकर्षक और सुविधाजनक बनाना है ताकि राज्य के भीतर साहसिक खेल, जल क्रीड़ा और प्राकृतिक पर्यटन को अभूतपूर्व गति मिल सके। योजना के तहत झील के विभिन्न हिस्सों को अलग-अलग जोन में बांटा जाएगा ताकि हर जगह पर पर्यटकों की जरूरत के हिसाब से जरूरी इंतजाम किए जा सकें और भीड़भाड़ को नियंत्रित रखते हुए पर्यावरण का पूरा ध्यान रखा जाए। इस पूरी कवायद का संचालन संबंधित विकास प्राधिकरण और पर्यटन विभाग के संयुक्त प्रयासों से किया जा रहा है ताकि ज़मीन पर इसका असर साफ दिखाई दे और आने वाले समय में सैलानियों को विश्वस्तरीय अनुभव प्राप्त हो सके।
पर्यटक सुविधाओं का विस्तार और आधारभूत ढांचा किसी भी प्रमुख पर्यटन गंतव्य के विकास के लिए सबसे जरूरी शर्त वहां की आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ होना होती है, जिसे ध्यान में रखते हुए इस मास्टर प्लान में तमाम आधुनिक व्यवस्थाएं जुटाने का प्रावधान किया गया है। झील के इस विस्तृत इलाके में पर्यटकों के ठहरने के लिए रिसॉर्ट, पर्यावरण के अनुकूल कॉटेज, खानपान के लिए अच्छे रेस्टोरेंट और स्थानीय संस्कृति से रूबरू कराने वाले शिल्प बाजारों की स्थापना की रूपरेखा बनाई जा रही है। इसके साथ ही आवागमन को सुगम बनाने के लिए सड़कों की स्थिति सुधारने, पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था करने और बोटिंग तथा वाटर स्पोर्ट्स के लिए आने वाले प्रेमियों के वास्ते सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के सिद्धांतों का पालन करना बेहद आवश्यक होता है, इसलिए इस पूरी योजना को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि प्राकृतिक सौंदर्य को बिना कोई नुकसान पहुंचाए आधुनिक सुविधाओं का विकास सुचारू रूप से किया जा सके और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।
भविष्य की संभावनाएं और आर्थिक लाभ इस मास्टर प्लान के धरातल पर उतरने के बाद टिहरी क्षेत्र के पर्यटन मानचित्र पर एक नया अध्याय जुड़ने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होगा। जब किसी क्षेत्र में इस स्तर पर दीर्घकालिक योजना बनाकर काम किया जाता है, तो उससे न केवल पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को सीधा लाभ मिलता है बल्कि होटल व्यवसाय, परिवहन सेवाओं और स्थानीय हस्तशिल्प उद्योग को भी एक नया संबल प्राप्त होता है। सरकार और स्थानीय प्रशासन का यह प्रयास है कि टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय स्तर के वाटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में स्थापित किया जाए ताकि यह क्षेत्र आर्थिक रूप से और अधिक आत्मनिर्भर बन सके। आने वाले महीनों में इस योजना के विभिन्न चरणों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी और निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाएगी ताकि राज्य की आर्थिकी को एक मजबूत संबल मिल सके और पर्यटकों को बेहतरीन सुविधाएं मिल सकें।