रामपुर में श्रीराम प्रतिमा का अनावरण
रामपुर के मंसूरपुर बाईपास के समीप स्थित राम विहार कालोनी में प्रभु श्री राम की भव्य प्रतिमा बनकर तैयार हो गई है। यह प्रतिमा कुल 25 फुट ऊंची है और इसे सोमवार को नवमी के दिन विधि-विधान से पूजा अर्चना के बाद सार्वजनिक रूप से अनावरण के लिए खोला जाएगा। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष रूप से सुंदर कांड का पाठ आयोजित किया गया है। भाजपा के जिला महामंत्री रहे अशोक विश्नोई ने इस प्रतिमा का निर्माण कार्य पूरा करवाया है। विश्नोई ने काफी समय पहले संकल्प लिया था कि वह एक मंदिर और वहां भगवान राम की एक ऊंची प्रतिमा स्थापित करेंगे। उन्होंने मंदिर का निर्माण तो वर्ष 2016 में ही पूर्ण कर लिया था, लेकिन प्रतिमा को लेकर ली गई उनकी शपथ अब जाकर पूरी हो सकी है। इस पूरे कार्यक्रम की तैयारी स्थानीय स्तर पर काफी पहले से की जा रही थी और सोमवार शाम को प्रतिमा के दर्शन के लिए श्रद्धालु एकत्रित होंगे।
प्रतिमा निर्माण का संकल्प और विवरण
भारतीय जनता पार्टी के नेता अशोक विश्नोई ने वर्ष 1992 में अयोध्या में कारसेवा के दौरान यह प्रण लिया था कि वह भव्य मंदिर बनाएंगे और भगवान की 21 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित करेंगे। हालांकि मंदिर निर्माण में विलंब होने के कारण उन्होंने निजी जमीन खरीदकर 2016 में रामपुर में ही मंदिर की नींव रखी और निर्माण कार्य पूरा किया। इस दौरान प्रतिमा के लिए लिया गया उनका संकल्प समय के साथ और बड़ा हो गया, जिससे अब 21 के बजाय 25 फुट ऊंची प्रतिमा तैयार की गई है। मंदिर परिसर की एक अन्य विशेषता यह भी है कि यहां के गर्भगृह के नीचे लगभग 250 फुट की गहराई में पत्थरों पर भगवान श्रीराम का नाम अंकित किया गया है। साथ ही मंदिर की दीवारों पर लगे ग्रेनाइट पत्थरों पर निर्माण तिथि और सहयोग करने वाले सभी लोगों के नाम भी लिखे गए हैं। विश्नोई ने पूर्व में अधिवक्ता बंधु दिलीप सक्सेना और प्रदीप सक्सेना के सहयोग से बजरंग विहार में हनुमान जी की 50 फुट ऊंची प्रतिमा का निर्माण भी कराया था।
कारसेवा की यादें और धार्मिक आयोजन
अशोक विश्नोई अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि जब 1992 की कारसेवा के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव द्वारा कारसेवकों पर गोलीबारी करवाई गई थी, तब वह और उनके साथी हेमंत सिन्हां अयोध्या से बाहर निकल गए थे। उन्होंने बताया कि उस कठिन दौर में वे मनकापुर स्टेशन से ट्रेन पकड़कर बिहार चले गए थे क्योंकि वहां रुकना सुरक्षित नहीं था। उस समय अयोध्या से राम ज्योति भी लाई गई थी, जिसे पुलिस से बचाकर एक चाय की केतली में रेत भरकर छुपाया गया था। इस ज्योति को ज्वालानगर स्थित नई कालोनी के मंदिर में लाकर प्रज्वलित किया गया था। विश्नोई ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अयोध्या कार्यक्रम में भी भाग लिया था और वे इसे प्रभु की इच्छा ही मानते हैं कि उनके रामपुर स्थित मंदिर में यह सब संभव हो सका। अब उनके द्वारा विकसित की गई राम विहार कालोनी में ही भाजपा का जिला मुख्यालय भी संचालित होता है। मंदिर परिसर में अब नई प्रतिमा के अनावरण से श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है और मंगलवार के समान ही यहां अब बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है।