कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जामनगर जाना क्या भारत की अहमियत बताता है?      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      असम सरकार का बड़ा फैसला, रिटायरमेंट से 1 साल पहले शुरू होगी पेंशन की प्रक्रिया      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर कल फिर छिड़ेगा संग्राम!     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल

राशन में लापरवाही: चंबा में सरकारी आटे की बोरी से कीड़े मिलने पर जांच तेज

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले सरकारी राशन के आटे में कीड़े निकलने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग में हड़कंप मच गया है तथा मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी गई है।

A
Ankit Yadav
23 सित 2026, 14:29
राशन में लापरवाही: चंबा में सरकारी आटे की बोरी से कीड़े मिलने पर जांच तेज

सरकारी राशन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल और जांच चंबा जिले के भीतर हाल ही में उस समय भारी नाराजगी फैल गई जब उपभोक्ताओं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए मिलने वाली सरकारी राशन की आपूर्ति में गंभीर खामियां देखने को मिलीं। जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचने वाले सरकारी आटे के थैलों के भीतर कीड़े पाए जाने की पुष्ट शिकायतों के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है। इस पूरे प्रकरण के प्रकाश में आने के बाद स्थानीय निवासियों और राशन कार्ड धारकों ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने इस मामले को बेहद संवेदनशीलता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर इस प्रकार की दूषित और खराब गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री डिपो तक कैसे पहुंच गई। शुरुआती रिपोर्ट्स के आधार पर खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति महकमे के निरीक्षकों ने विभिन्न वितरण केंद्रों से आटे के नमूने एकत्र करने की प्रक्रिया तेज कर दी है ताकि प्रयोगशाला में इनकी विस्तृत जांच कराई जा सके और दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकें।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली और भंडारण व्यवस्था की कार्यप्रणाली भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जाने वाली सार्वजनिक वितरण प्रणाली का मुख्य उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्गों के नागरिकों को रियाइती दरों पर उच्च गुणवत्ता का राशन उपलब्ध कराना होता है। इस पूरी व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए भारतीय खाद्य निगम से लेकर स्थानीय उचित मूल्य की दुकानों तक एक लंबी और जटिल श्रृंखला काम करती है जिसमें गोदामों में भंडारण, समय पर परिवहन और नियमित गुणवत्ता जांच जैसे महत्वपूर्ण चरण शामिल होते हैं। जानकारों का मानना है कि यदि गोदामों में लंबे समय तक खाद्यान्न को सुरक्षित रखने के दौरान नमी या कीट नियंत्रण से जुड़े मानकों की अनदेखी की जाती है, तो ऐसे में अनाज और आटे में कीड़े लगने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। चंबा में घटी इस हालिया घटना ने एक बार फिर से इस बात की आवश्यकता पर जोर दिया है कि सरकारी गोदामों और डिपो में रखी जाने वाली खाद्य सामग्रियों की समय-समय पर गहन मॉनिटरिंग की जाए। इसके अलावा, परिवहन के दौरान और डिपो स्तर पर वितरण से पहले पैकेटों की स्थिति की जांच करना संबंधित अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है ताकि किसी भी परिस्थिति में आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो सके।

प्रशासनिक कार्रवाई और भविष्य की सुधारात्मक योजनाएं चंबा की इस घटना के तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच के दायरे में न केवल स्थानीय डिपो संचालक बल्कि उन सभी गोदामों और थोक सप्लायरों को भी शामिल किया गया है जहां से इस आटे की खेप को पैक करके आगे भेजा गया था। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि यह साबित होता है कि आपूर्ति किए गए आटे में मानकों का उल्लंघन हुआ है, तो संबंधित ठेकेदारों और उत्तरदायी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी और विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही, जिले के सभी राशन डिपो संचालकों को यह स्पष्ट निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि वे किसी भी खाद्यान्न को वितरित करने से पहले उसकी बाहरी और आंतरिक गुणवत्ता की भली-भांति जांच अवश्य करें। इस पूरी प्रशासनिक सक्रियता का उद्देश्य जनता का विश्वास दोबारा बहाल करना और यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही और सुरक्षित रूप से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज