क्षेत्रीय कार्यशाला में तय हुई आंदोलन की पूरी रूपरेखा
राष्ट्रीयकृत मार्गों पर बिना अनुमति के दौड़ने वाले डग्गामार वाहनों के अवैध संचालन पर रोक लगवाने के लिए यूपी रोडवेज इम्प्लाइज यूनियन ने बड़ा कदम उठाया है। इस संबंध में शनिवार को क्षेत्रीय कार्यशाला के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक की अध्यक्षता क्षेत्रीय अध्यक्ष दिनेशमणि मिश्र द्वारा की गई थी। बैठक में सभी पदाधिकारियों ने मिलकर इस समस्या के समाधान के लिए एक चरणबद्ध आंदोलन की पूरी रूपरेखा को अंतिम रूप दिया। यूनियन के नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सड़कों पर धड़ल्ले से चल रहे इन अवैध वाहनों के कारण परिवहन निगम को लगातार भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी आर्थिक तंगी और प्रशासनिक लापरवाही के विरोधस्वरूप कर्मचारियों को एकजुट होकर इस प्रस्तावित आंदोलन में पूरी ताकत के साथ भाग लेने की पुरजोर अपील की गई है। बैठक में विभिन्न डिपो के प्रतिनिधि और यूनियन के कई प्रमुख पदाधिकारी भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए इस आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने की तारीखें तय
डग्गामार वाहनों के अवैध संचालन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को प्रभावी बनाने के लिए यूनियन ने विभिन्न तिथियों पर कार्यक्रम आयोजित करने का विस्तृत निर्णय लिया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 22 अक्टूबर को राज्य के सभी डिपो परिसरों में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के माध्यम से उचित चैनलों द्वारा भेजा जाएगा। इसके बाद अगले चरण में 27 अक्टूबर और 28 अक्टूबर को विभिन्न बस स्टेशनों के मुख्य द्वारों के सामने सार्वजनिक प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इन प्रदर्शनों की अगली कड़ी में 28 अक्टूबर को ही जिलाधिकारी के माध्यम से एक और ज्ञापन उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। विरोध के इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए चार नवंबर को गोरखपुर और बस्ती के मंडलायुक्त कार्यालयों के माध्यम से ज्ञापन सौंपे जाने का आधिकारिक निर्णय लिया गया है। इसके अलावा 20 नवंबर को क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय के प्रांगण में एक बड़ा धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न डिपो के प्रतिनिधि और कर्मचारी अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाएंगे।
आर्थिक नुकसान का हवाला देकर सरकार पर साधा गया निशाना
परिवहन निगम को हो रहे भारी आर्थिक घाटे के लिए यूपी रोडवेज इम्प्लाइज यूनियन ने सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। क्षेत्रीय मंत्री राजेश कुमार पांडेय ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि इन अवैध वाहनों की वजह से निगम की वित्तीय सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीयकृत मार्गों पर धड़ल्ले से चल रहे डग्गामार वाहन वैध परिवहन व्यवस्था की जड़ों को खोखला कर रहे हैं। इस गंभीर समस्या के बावजूद शासन और प्रशासन स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है। यूनियन का मानना है कि यदि समय रहते इन अवैध गतिविधियों पर पूर्ण विराम नहीं लगाया गया तो परिवहन निगम के कर्मचारियों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। इसी उद्देश्य से कर्मचारियों को गोलबंद करके सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का यह लोकतांत्रिक रास्ता चुना गया है। सभी तय कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशासन को चेताया जाएगा कि वह जल्द से जल्द इन अवैध वाहनों के संचालन को रोके ताकि निगम को बचाया जा सके।