न्यू सांगानेर रोड पर भारी मशीनों से ध्वस्तीकरण
जयपुर विकास प्राधिकरण यानी जेडीए द्वारा न्यू सांगानेर रोड को चौड़ा करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। इस प्रमुख मार्ग पर 160 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण प्रस्तावित किया गया है जिसके दायरे में आ रहे अवैध निर्माणों को तोड़ा जा रहा है। इस पूरी मुहिम को अमलीजामा पहनाने के लिए मौके पर लगभग दो दर्जन बुलडोजर और पोकलेन मशीनों को तैनात किया गया है। इसके अलावा तोड़े जा रहे मकानों और दुकानों का मलबा तुरंत उठाने के लिए ट्रैक्टरों और डंपर वाहनों का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति या कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका से निपटने के वास्ते भारी संख्या में पुलिस बल को भी तैनात किया गया है। जेडीए के प्रवर्तन दस्ते के अधिकारी और कर्मचारी मशीनों की मदद से सड़क सीमा की जद में आ रहे सभी प्रकार के निर्माणों को पूरी मुस्तैदी के साथ हटाने में जुटे हुए हैं। सड़क सीमा का सीमांकन इस बड़ी कार्रवाई से काफी पहले ही पूरा किया जा चुका था ताकि निशानदेही को लेकर कोई संशय न रहे।
नोटिस जारी होने के बाद स्थानीय लोगों का विरोध
जेडीए प्रशासन ने इस मार्ग के चौड़ीकरण के तहत सड़क सीमा के दायरे में आने वाले लगभग 250 से 260 मकानों तथा दुकानों के मालिकों को पूर्व में ही नोटिस जारी कर दिए थे। इन सभी भवन और दुकान स्वामियों को अपने स्तर पर ही अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश दिए गए थे। सड़क सीमा के अंतर्गत कई जगहों पर लोगों के पूरे मकान और पूरी दुकानें तक आ रही हैं जिन्हें अब तोड़ा जा रहा है। सोमवार को जैसे ही बुलडोजर और अन्य भारी मशीनों ने मौके पर ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई शुरू की, वैसे ही बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी और प्रभावित दुकानदार वहां एकत्र हो गए। इन लोगों ने तुरंत मौके पर इकट्ठा होकर मुआवजे की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का स्पष्ट रूप से यह कहना है कि इस चौड़ीकरण से उनके रोजगार और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए उनका आग्रह है कि जेडीए को प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति को उचित मुआवजा प्रदान करना चाहिए। बढ़ते हुए विरोध और तनाव को भांपते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के तहत मौके पर पुलिस बल तैनात कर रखा है।
अदालत में रिपोर्ट पेश करने से पहले बढ़ाई गई तेजी
न्यू सांगानेर रोड के इस महत्वपूर्ण चौड़ीकरण मामले से जुड़ी पालना रिपोर्ट जेडीए को आगामी 6 अक्टूबर को अदालत के समक्ष पेश करनी है। अदालत में रिपोर्ट दाखिल करने की तारीख नजदीक होने के कारण ही प्रशासन ने अपनी इस कार्रवाई की गति को काफी तेज कर दिया है। वर्तमान स्थिति यह है कि इस मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क की मौजूदा चौड़ाई मात्र 100 से 120 फीट के आसपास ही है जिसे बढ़ाकर 160 फीट किया जाना है। इस बड़े प्रोजेक्ट के तहत जैसे-जैसे निर्माण हटाने का कार्य आगे बढ़ रहा है, मलबा हटाने का काम भी साथ ही साथ किया जा रहा है ताकि यातायात पूरी तरह बाधित न हो। हालांकि जेडीए की इस बड़ी कार्रवाई से सड़क चौड़ीकरण का कार्य तो काफी आगे निकल आया है, लेकिन स्थानीय व्यापारियों का विरोध भी लगातार बना हुआ है। मुआवजे की मांग को लेकर प्रभावित लोगों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है और वे अपनी बात पर अड़े हुए हैं। इन तमाम विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रशासन अदालत की समयसीमा का पालन करने के लिए पूरी ताकत के साथ अपनी इस मुहिम को अंजाम तक पहुंचाने में लगा हुआ है।