मोहाली मार्ग पर बेकाबू वाहन का तांडव और टला बड़ा हादसा पंजाब के प्रमुख शहर मोहाली के एक व्यस्त मार्ग पर उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया जब भारी भरकम और तेज रफ्तार से आ रहे एक टिप्पर ने अचानक अपना नियंत्रण खो दिया और आगे चल रही दो अलग-अलग कारों को अपनी चपेट में लेते हुए जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दोनों कारों के अगले और पिछले हिस्से बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए तथा वाहनों के शीशे चकनाचूर होकर सड़क पर बिखर गए। दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों ने अपनी जान जोखिम में डालकर तुरंत गाड़ियों के पास पहुंचकर अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत यह रही कि एयरबैग खुलने और लोगों की सूझबूझ के कारण इस भयंकर टक्कर में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई और एक बहुत बड़ा सड़क हादसा टल गया, वरना स्थिति काफी भयावह हो सकती थी।
तेज रफ्तार और लापरवाही भरी ड्राइविंग बन रही हादसों की वजह शहरी इलाकों और व्यस्त राजमार्गों पर भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार आए दिन आम नागरिकों की जान के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। मोहाली की इस घटना ने एक बार फिर से इस बात को उजागर कर दिया है कि किस प्रकार भारी कमर्शियल वाहन चालक यातायात नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर वाहन दौड़ाते हैं। स्थानीय निवासियों और सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का लंबे समय से यह मानना है कि रात और दिन के समय शहर के भीतर बिना किसी रोकटोक के दौड़ने वाले रेतीले टिप्पर और डंपर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हैं। जिला प्रशासन और यातायात पुलिस विभाग द्वारा समय-समय पर अभियान चलाने के बावजूद ऐसे चालकों में कानून का डर कम ही दिखाई देता है, जिसके कारण आए दिन इस तरह की दर्दनाक दुर्घटनाएं सामने आती रहती हैं। इस प्रकार के मामलों में न केवल वाहन चालकों की लापरवाही होती है, बल्कि कई बार ओवरलोडिंग और तकनीकी खराबी भी इन हादसों का मुख्य कारण बनती है, जिस पर कड़ा नियंत्रण स्थापित किया जाना बेहद आवश्यक माना जाता है।
घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा बढ़ाने की मांग इस ताजा दुर्घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है और उन्होंने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि ऐसे लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से सड़क के बीच से हटाकर यातायात को सुचारू रूप से चालू कराया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि टिप्पर चालक की किस स्तर पर गलती थी और वह हादसे के बाद मौके से किस दिशा में फरार हुआ। इसके साथ ही, स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया है कि व्यस्त मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश के समय को लेकर और अधिक कड़े नियम बनाए जाएं तथा गति सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारी चालान व लाइसेंस निरस्त करने जैसी कठोर दंडात्मक नीतियां अपनाई जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।