कैंट इलाके में तेज रफ्तार कार की टक्कर
राजधानी के कैंट इलाके में रजमन बाजार पुलिस चौकी के पास बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। अर्जुनगंज इलाके का रहने वाला इक्कीस वर्षीय अनुराग गुप्ता कॉस्मेटिक का सामान बेचने का काम करता था और बुधवार की रात करीब साढ़े बारह बजे अपने घर से निकला था। अनुराग ने सिर पर हेलमेट पहन रखा था और वह अपने दो दोस्तों विशाल और हेमंत के साथ बाइक पर सवार होकर सामान की डिलीवरी करने के लिए गया था। डिलीवरी का सारा काम पूरा करने के बाद तीनों दोस्त देर रात अपनी बाइक से वापस अपने घर की तरफ लौट रहे थे। जब उनकी मोटरसाइकिल रजमन बाजार पुलिस चौकी के ठीक पास पहुँची तो सामने की दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर के कारण मोटरसाइकिल पर सवार तीनों दोस्त हवा में उछलकर सीधे सड़क पर जा गिरे और बुरी तरह से जख्मी हो गए। टक्कर मारने के बाद वाहन समेत चालक मौके से किस स्थिति में निकला, इसकी स्पष्ट जानकारी तो नहीं है लेकिन इस भयानक हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरा मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तीनों घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुँचाया गया जहाँ डॉक्टरों ने बीस वर्षीय अनुराग गुप्ता को मृत घोषित कर दिया। उसके दोनों साथी विशाल और हेमंत का इलाज अभी भी अस्पताल में चल रहा है जहाँ उनकी हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
गुडंबा क्षेत्र में पैदल बुजुर्ग को मारी टक्कर
लखनऊ के ही गुडंबा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आदिल नगर इलाके में एक अन्य सड़क दुर्घटना में एक बुजुर्ग की जान चली गई। मृतक की पहचान रामस्वरुप के रूप में हुई है जो उनहत्तर वर्ष के थे और एक निजी कंपनी से रिटायर होने के बाद अपना जीवन बिता रहे थे। रामस्वरुप अपने घर से पैदल ही बाजार में ताजी सब्जियां खरीदने के लिए निकले थे जब यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ। वह सड़क पार कर रहे थे तभी रास्ते में एक चौराहे के पास से गुजर रही तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। इस अचानक हुई टक्कर से बुजुर्ग रामस्वरुप सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए और खून से लथपथ होकर वहीं बेसुध हो गए। हादसे को अंजाम देने के बाद बाइक चालक मौके से अपनी गाड़ी समेत फरार होने में कामयाब हो गया और किसी ने उसे तुरंत नहीं पकड़ा। गनीमत यह रही कि उसी समय उस रास्ते से गुजर रहे रामस्वरुप के एक परिचित ने इस दुर्घटना को देख लिया। उस परिचित ने तुरंत बुजुर्ग के बेटे राजकुमार को फोन करके इस पूरी घटना की सूचना दी और जल्द से जल्द मौके पर पहुँचने को कहा। सूचना मिलते ही बेटा राजकुमार घबराहट की स्थिति में तुरंत घटनास्थल पर दौड़े चले आए और अपने पिता को उठाकर सबसे पहले लोहिया संस्थान ले गए। लोहिया संस्थान के डॉक्टरों ने रामस्वरुप की अत्यंत गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। परिजन बिना एक भी पल गंवाए उन्हें लेकर केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल और पुलिस कार्रवाई
इन दोनों अलग-अलग सड़क हादसों ने दो परिवारों की खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। कैंट इलाके में मारे गए युवा दुकानदार अनुराग गुप्ता के जीजा राजेंद्र ने मीडिया को जानकारी दी कि अनुराग अर्जुनगंज बाजार में अपनी खुद की एक दुकान चलाता था। दुकान संभालने के अलावा वह इलाके में कॉस्मेटिक सामान की होम डिलीवरी करने का काम भी पूरी मेहनत से करता था। अनुराग के परिवार में उसके बूढ़े पिता अशोक हैं, मां पूनम हैं और कुल तीन बहनें हैं जिनके बीच अनुराग इकलौता भाई था। इकलौते बेटे और भाई की अचानक इस तरह सड़क हादसे में मौत हो जाने के कारण परिजनों का रो-रोकर बेहद बुरा हाल हो चुका है। कैंट थाना की प्रभारी गुरप्रीत कौर ने इस दुखद मामले के संबंध में मीडिया को बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि पीड़ित परिजनों की ओर से अभी तक लिखित तहरीर मिलना बाकी है। पुलिस का कहना है कि जैसे ही परिजनों की तरफ से थाने में लिखित तहरीर दी जाएगी, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ गुडंबा के रामस्वरुप के परिवार में भी इस अचानक हुए हादसे के बाद कोहराम मच गया है और घर के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस दोनों ही मामलों में अज्ञात चालकों की तलाश कर रही है ताकि तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वाले दोषियों को जल्द से जल्द कानून के दायरे में लाया जा सके।