जर्जर सड़क से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
टीसौरा गांव की मुख्य सड़क वर्तमान में अत्यंत खराब स्थिति में पहुंच चुकी है जिससे स्थानीय निवासियों का जीवन कठिन हो गया है। इस रास्ते से गुजरना अब किसी जोखिम से कम नहीं रह गया है क्योंकि सड़क की मरम्मत लंबे समय से नहीं हुई है। सबसे अधिक परेशानी का सामना स्कूली बच्चों को करना पड़ता है जिन्हें अपनी शिक्षा के लिए प्रतिदिन इसी रास्ते से स्कूल जाना पड़ता है। इसके अलावा गांव के बुजुर्ग भी अपने आवश्यक कार्यों के लिए इसी मार्ग का उपयोग करने को मजबूर हैं। आम राहगीर जो रोजमर्रा के काम के लिए यहां से निकलते हैं, वे भी इस सड़क की दुर्दशा से खासे परेशान हैं। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण लोगों को आने-जाने में घंटों की देरी और शारीरिक पीड़ा झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि सड़क की खराब हालत ने उनकी दिनचर्या को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त करके रख दिया है।
मरम्मत की मांग और हादसे का भय
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी मांगों को मजबूती से रखा है। गांव वालों का कहना है कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराना अत्यंत आवश्यक हो गया है ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। लोगों में इस बात का डर लगातार बना हुआ है कि कभी भी कोई बड़ी अनहोनी घट सकती है। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक अधिक चिंतित हैं क्योंकि गड्ढों से भरी सड़क पर पैदल चलना या साइकिल चलाना खतरनाक साबित हो रहा है। वृद्ध नागरिकों के लिए तो यह रास्ता और भी अधिक कष्टदायक हो गया है। विभाग को दी गई शिकायतों में ग्रामीणों ने तत्काल सड़क बनवाने या उसे चलने योग्य बनाने की अपील की है। नेताओं से भी गांव के लोगों ने गुहार लगाई है कि वे इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें। सभी ग्रामीण चाहते हैं कि जल्द से जल्द सड़क की दशा सुधरे ताकि उन्हें राहत मिल सके।
विकास कार्यों की अनदेखी से बढ़ता संकट
गांव की इस बदहाल सड़क का मुद्दा अब एक गंभीर विषय बन चुका है क्योंकि यह सीधे तौर पर लोगों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा है। यदि इस मार्ग की मरम्मत समय रहते नहीं की गई तो भविष्य में ग्रामीणों की मुश्किलें और भी अधिक बढ़ सकती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले स्थानीय लोग भी मानते हैं कि सड़क खराब होने से छात्रों की उपस्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ता है। बुजुर्गों के स्वास्थ्य और उनकी गतिशीलता के लिए एक सुरक्षित रास्ता होना अनिवार्य है जिसकी यहां भारी कमी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया तो जनसमस्याएं और विकराल रूप ले लेंगी। फिलहाल पूरा गांव प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है कि कब इस सड़क पर निर्माण कार्य शुरू होगा। इस मार्ग का सुधारीकरण ही गांव वालों की एकमात्र प्रमुख मांग है।