किशनपुर संपर्क मार्ग की वर्तमान दयनीय स्थिति
कठुआ जिले के अंतर्गत किशनपुर क्षेत्र को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाली सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। इस सड़क की बदहाली के कारण आम नागरिकों का दैनिक जीवन और आवागमन पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं जिनमें बरसात का पानी भरने से वाहन चालकों के लिए खतरा और अधिक बढ़ जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस मार्ग पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है क्योंकि सड़क का डामर पूरी तरह उखड़ चुका है। रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाले स्कूली बच्चों और कामकाजी लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सड़क के खराब होने के कारण ऑटो चालकों और अन्य वाहन चालकों ने भी इस रूट पर वाहन लाने से कतराना शुरू कर दिया है। लोगों की इस गंभीर समस्या की ओर संबंधित विभाग का ध्यान आकर्षित करने के लिए स्थानीय लोग लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक इस मार्ग की मरम्मत के संबंध में कोई ठोस और स्थाई कदम नहीं उठाया गया है जिससे जनता का आक्रोश धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है।
गड्ढों और खराब रास्ते से नागरिकों की परेशानी
सड़क पर पसरे गहरे गड्ढों के कारण आए दिन छोटे-बड़े सड़क हादसे होने की आशंका बनी रहती है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग किसी खतरे से कम नहीं साबित हो रहा है क्योंकि कई बार वाहन गड्ढों में फंसकर अनियंत्रित हो जाते हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों के समक्ष गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। खराब रास्तों की वजह से क्षेत्र में आपातकालीन सेवाएं जैसे एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाती हैं जिससे मरीजों की जान पर भी संकट आ जाता है। ऑटोमोबाइल चालकों का कहना है कि गड्ढों की भरमार के कारण उनके वाहनों के पुर्जे बार-बार खराब हो जाते हैं जिससे उनकी आमदनी पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। व्यापारियों का माल ढोने वाले वाहनों को भी इस रास्ते से गुजरने में भारी नुकसान उठाना पड़ता है क्योंकि झटकों के कारण सामान क्षतिग्रस्त हो जाता है। क्षेत्र के लोगों ने एक सुर में मांग की है कि इस जर्जर सड़क की जल्द से जल्द नए सिरे से पक्की मरम्मत कराई जानी चाहिए। जनता का यह भी कहना है कि यदि समय रहते इस सड़क को ठीक नहीं कराया गया तो स्थानीय लोगों को मजबूरन कड़ा विरोध प्रदर्शन करना पड़ेगा।
बुनियादी ढांचे की कमी और जनता का दर्द
किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अच्छी सड़कें और मजबूत बुनियादी ढांचा सबसे पहली आवश्यकता माने जाते हैं। जब ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग ही इस तरह जर्जर हो जाते हैं तो विकास के तमाम दावे खोखले साबित होने लगते हैं। जानकारों का मानना है कि स्थानीय सड़कों के रखरखाव के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाने चाहिए ताकि समय रहते उनकी मरम्मत की जा सके। इस तरह की समस्याओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन और संबंधित निर्माण विभागों को आपसी तालमेल बनाकर काम करने की आवश्यकता होती है। जब तक सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का समय पर विकास और रख-रखाव नहीं होगा तब तक आम जनता को इसी प्रकार की परेशानियों से जूझना पड़ेगा। आने वाले दिनों में यदि इस मार्ग की सुध नहीं ली गई तो स्थानीय नागरिक अपनी मांगों को लेकर और अधिक मुखर हो सकते हैं। इस प्रकार की स्थानीय समस्याएं प्रशासन की कार्यशैली पर भी बड़े सवालिया निशान खड़े करती हैं जिनका समाधान तुरंत किया जाना चाहिए।