राजमार्ग पर यातायात का संकट
लखनऊ और गोरखपुर को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करना इन दिनों बेहद जोखिम भरा हो गया है। सड़क की सतह पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों ने वाहन चालकों और यात्रियों की परेशानी को काफी बढ़ा दिया है। आज 3 अक्टूबर 2026 को सामने आई जानकारी के अनुसार, इस पूरे मार्ग पर गड्ढों की संख्या इतनी अधिक है कि सुरक्षित आवागमन लगभग असंभव सा हो गया है। भारी वाहनों से लेकर छोटे निजी वाहनों तक, हर चालक को इन गड्ढों के कारण अपनी गति धीमी करनी पड़ती है। सड़क की खराब स्थिति के चलते इस मार्ग पर आए दिन जाम की स्थिति पैदा हो रही है। लंबे समय से सड़कों के रख-रखाव में हो रही कमी अब आम जनता के लिए जानलेवा साबित होने लगी है। दुर्घटनाओं की आशंका ने स्थानीय लोगों और नियमित रूप से यात्रा करने वाले चालकों में गहरा डर पैदा कर दिया है। मार्ग की दुर्दशा के कारण वाहनों के पुर्जों के टूटने की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। सड़क का यह हिस्सा यातायात के लिए अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। इस मार्ग पर यात्रा करना अब किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रह गया है।
खस्ताहाल सड़क का विवरण
सड़क पर बने गड्ढों की गहराई और चौड़ाई ने ड्राइवरों के लिए वाहनों को नियंत्रित करना मुश्किल बना दिया है। हाईवे पर जगह-जगह सड़क की ऊपरी परत उखड़ चुकी है, जिससे बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों की स्थिति और भी विकट हो गई है, क्योंकि इनमें पानी भर जाने से गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता है। वाहन चालक अनजाने में इन गड्ढों में गिर जाते हैं, जिससे अचानक ब्रेक लगाने या वाहन अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है। इस मार्ग के माध्यम से रोजाना हजारों की संख्या में कमर्शियल और यात्री वाहन गुजरते हैं, जिन्हें इस खराब बुनियादी ढांचे का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। सड़क पर बिखरी हुई गिट्टी और कंक्रीट के कारण दोपहिया वाहन चालकों के लिए फिसलने की संभावना बनी रहती है। भारी यातायात के दबाव को झेल रहे इस राजमार्ग पर मरम्मत कार्य की कमी साफ तौर पर दिखाई देती है। वाहनों के आवागमन में हो रही देरी के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है। राजमार्ग के कई हिस्सों में डामर पूरी तरह खत्म हो चुका है, जो सड़क की जर्जर स्थिति को प्रदर्शित करता है।
बुनियादी ढांचे की उपयोगिता और प्रभाव
राष्ट्रीय राजमार्गों का उद्देश्य विभिन्न शहरों के बीच व्यापार और परिवहन को गति प्रदान करना होता है। जब सड़क की स्थिति खराब होती है, तो इसका सीधा असर आर्थिक गतिविधियों और दैनिक जीवन पर पड़ता है। लखनऊ से गोरखपुर के बीच का यह हाईवे न केवल यात्रियों के लिए, बल्कि माल ढुलाई करने वाले ट्रकों के लिए भी एक जीवन रेखा है। यदि सड़कें सुरक्षित नहीं होंगी, तो इससे न केवल दुर्घटनाएं बढ़ेंगी, बल्कि परिवहन की लागत में भी भारी वृद्धि होगी। वाहन मालिकों को मरम्मत और ईंधन पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है, जो अंततः महंगाई का कारण बनता है। अच्छी सड़कों का अभाव राज्य के विकास में एक बड़ा अवरोध है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारिक संघों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। भविष्य की सुरक्षा के लिहाज से राजमार्ग का समय पर नवीनीकरण अत्यंत आवश्यक है। सड़क निर्माण में मानकों का पालन न करना और समय रहते मरम्मत कार्य न होना ही आज की इस भयावह स्थिति का प्रमुख कारण है। शासन और प्रशासन को इस पर जल्द ध्यान देकर सड़क की सतह को दुरुस्त करना होगा, ताकि दुर्घटनाओं को रोककर सुचारू यातायात बहाल किया जा सके।