रसौली स्टेशन पर औचक चेकिंग अभियान
अयोध्या से लखनऊ के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 64215 में बीते दिन प्रशासनिक स्तर पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। जैसे ही यह ट्रेन बाराबंकी जिले के रसौली रेलवे स्टेशन पर पहुंची, वहां तैनात रेलवे प्रशासन और टीटीई ने औचक निरीक्षण शुरू कर दिया। चेकिंग टीम की मौजूदगी की भनक लगते ही यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। टिकट न होने के कारण कार्रवाई से बचने के लिए कई यात्री चलती हुई ट्रेन से ही नीचे कूद पड़े, जिससे कई लोगों के घायल होने की सूचना मिली। जो यात्री उतरने का साहस नहीं जुटा सके, उन्होंने खुद को टॉयलेट के भीतर बंद कर लिया। रेलवे अधिकारियों की सक्रियता के चलते ट्रेन के भीतर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान शौचालय के दरवाजे खुलवाकर छिपे हुए यात्रियों को बाहर निकाला गया। स्टेशन परिसर में यात्रियों की भाग-दौड़ और अफरा-तफरी का दृश्य दिखाई दिया, जहां सुरक्षा दल ने सभी को घेर लिया।
कुल 371 यात्रियों पर कड़ी कार्रवाई
रेलवे प्रशासन ने इस विशेष अभियान के तहत कुल 371 बिना टिकट यात्रा करने वाले लोगों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए सभी यात्रियों को सुरक्षित लखनऊ ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। रेलवे की ओर से इन यात्रियों पर कुल 2 लाख 86 हजार 580 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, नियम तोड़ने के 36 गंभीर मामलों को विशेष अदालत यानी एसीजेआरएम कोर्ट में पेश किया गया। इस घटना से जुड़ी एक वीडियो फुटेज भी सामने आई है, जिसमें रसौली स्टेशन पर अधिकारियों की टीम और यात्रियों की हलचल स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन यह घटना यात्रियों के बीच रेलवे नियमों को लेकर व्याप्त डर और लापरवाही को उजागर करती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि टिकट के बिना सफर करना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि चलती ट्रेन से कूदना जान जोखिम में डालना भी है।
रेलवे का सख्त रुख और अपील
मंडल रेल प्रबंधक सुनील कुमार वर्मा ने इस घटना के बाद यात्रियों के लिए कड़ा संदेश जारी किया है। उन्होंने साफ कहा कि ट्रेनों में अवैध रूप से यात्रा करने वालों पर नकेल कसने के लिए रेलवे भविष्य में भी लगातार ऐसे औचक और कठोर अभियान चलाता रहेगा। रेलवे की ओर से आम जनता से अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा के लिए सदैव वैध टिकट लें और चेकिंग के भय से चलती ट्रेन से छलांग जैसी घातक हरकतें न करें। प्रशासन के अनुसार, जुर्माना राशि तो भरी जा सकती है, लेकिन जल्दबाजी में जान गंवाने का कोई विकल्प संभव नहीं है। इस तरह के अभियान का मुख्य उद्देश्य रेल यात्रा को सुरक्षित बनाना और राजस्व की हानि को रोकना है। प्रशासन ने लोगों को आगाह किया है कि वे नियमों का पालन करें ताकि भविष्य में उन्हें किसी भी प्रकार की कानूनी कार्यवाही या जुर्माने का सामना न करना पड़े। रेलवे की यह चेतावनी उन सभी यात्रियों के लिए है जो टिकट के बिना सफर करने का जोखिम उठाते हैं।