मंदिर मार्ग पर पसरी भारी गंदगी
कानपुर नगर निगम के अंतर्गत आने वाले जोन-1 के वार्ड-98 में स्थित माहेश्वरी महाल में एक प्राचीन धार्मिक स्थल मौजूद है। इस स्थान पर प्रसिद्ध माता छिन्नमस्ता देवी का मंदिर स्थापित है जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वर्तमान समय में इस मंदिर तक जाने वाले मुख्य मार्ग पर कचरे का बड़ा ढेर लगा हुआ है। इस भयंकर गंदगी के कारण वहां से आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते में फैले इस कचरे की वजह से इलाके का पूरा वातावरण दूषित हो गया है और लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। नगर निगम की ओर से सफाई व्यवस्था के मोर्चे पर पूरी तरह से लापरवाही बरती जा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों और दूर-दराज से आने वाले भक्तों के मन में भारी रोष व्याप्त है। इस समस्या के कारण किसी भी समय कोई गंभीर बीमारी फैलने का खतरा भी लगातार बना हुआ है।
अधिकारियों की उदासीनता और अनसुनी शिकायतें
प्राचीन माता छिन्नमस्ता देवी मंदिर के रास्ते पर फैली इस बदहाली को दूर करने के लिए स्थानीय नागरिकों ने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया है। क्षेत्रीय लोगों का सीधा आरोप है कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों को इस समस्या के बारे में अनेकों बार अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद जिम्मेदार महकमे के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है और स्थिति जस की तस बनी हुई है। नागरिकों ने इस गंदगी को हटाने के लिए ऑनलाइन माध्यमों के साथ-साथ ऑफलाइन तरीके से भी अपनी शिकायतें दर्ज कराई थीं। लेकिन इन तमाम औपचारिक शिकायतों के बाद भी नगर निगम के अधिकारियों की तरफ से कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। वार्ड-98 के सक्रिय समाजसेवी प्रखर तिवारी ने भी इस गंभीर समस्या पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बाद भी सफाई कर्मचारियों या अधिकारियों द्वारा रास्ते को साफ कराने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है, जिससे जनता में नाराजगी बढ़ रही है।
त्योहारी सीजन में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़
हिन्दू पंचांग के अनुसार पितृ पक्ष की समाप्ति के तुरंत बाद शारदीय नवरात्र का पावन पर्व शुरू होने वाला है। इस धार्मिक अवसर पर माता छिन्नमस्ता देवी के इस प्राचीन मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और अकूत संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। कानपुर महानगर के अलावा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से भी तमाम भक्तजन माता के दर्शन करने के लिए इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। लेकिन ऐन त्योहार के दिनों से पहले मंदिर के बाहर मार्ग पर कचरा सड़ रहा है और चारों तरफ गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है। इस बदहाली के कारण मार्ग पर हमेशा मच्छर और मक्खियां बड़ी संख्या में मंडराते रहते हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बहुत अधिक बढ़ गया है। यदि नगर निगम ने समय रहते इस कचरे के ढेर को नहीं हटाया, तो नवरात्र के दौरान आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। त्योहार के समय ऐसी स्थिति का उत्पन्न होना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़ा और गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।