परियोजना के लिए दुकानों का खाली होना
गोरखपुर में राज्य स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत एक महत्वाकांक्षी मल्टी कॉम्प्लेक्स और आधुनिक मिनी ऑडिटोरियम का निर्माण प्रस्तावित है। इस काम की जिम्मेदारी कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज को सौंपी गई है, जिसने परियोजना स्थल पर काम को गति दे दी है। शास्त्री चौक पर स्थित नगर निगम की 12 दुकानों और चंद्रलोक लॉज समेत कुल 13 आवंटियों को अपना स्थान छोड़ने का निर्देश दिया गया था। आधिकारिक रूप से जारी की गई नोटिस की समय सीमा समाप्त हो जाने के बाद, संबंधित कारोबारी अब अपनी दुकानें खाली करने लगे हैं। काम को आगे बढ़ाने के लिए निर्माण इकाई ने करीब 30 दिन पहले ही बेसमेंट बनाने के उद्देश्य से खुदाई का कार्य आरंभ कर दिया था। रविवार को कई दुकानदारों को अपना सामान समेटते और अपनी दुकानें खाली करते देखा गया, जिससे इलाके में चल रही व्यावसायिक हलचल पर विराम लगता नजर आ रहा है। यह पूरा निर्माण कार्य लगभग 4000 वर्गमीटर के बड़े दायरे में फैला हुआ है।
निर्माण का स्वरूप और कारोबारियों की चिंता
प्रस्तावित भवन के नक्शे के अनुसार, बेसमेंट में 20 कारों और 25 दुपहिया वाहनों की पार्किंग के लिए आधुनिक सुविधा तैयार की जाएगी। भूतल पर 12 दुकानों के अलावा एक बड़ी दुकान का भी प्रावधान रखा गया है, जबकि प्रथम तल को बैंक और मल्टी शॉपिंग हॉल के लिए चिन्हित किया गया है। दूसरी मंजिल पर 210 लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक वातानुकूलित मिनी ऑडिटोरियम बनेगा। इसके अतिरिक्त तीसरी मंजिल पर डाइनिंग एरिया, दो सुइट और पांच कमरों का गेस्ट हाउस बनाने की योजना है। इस पूरे निर्माण में लगभग 34.77 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। दूसरी ओर, अपने रोजगार को लेकर चिंतित अजीत प्रताप सिंह और शोभित जैसे कारोबारियों ने बताया कि निर्माण कार्य पूरा होने में करीब दो साल का लंबा समय लग सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में मिलने वाली आधुनिक सुविधाओं के प्रति वे आशान्वित हैं, लेकिन इस निर्माण अवधि के दौरान अपने परिवार का पालन-पोषण कैसे होगा, यह उनके लिए एक बड़ा प्रश्न बना हुआ है।
भविष्य की संभावनाएं और विस्थापन का संकट
नगर निगम के आवंटियों के सामने अब अपने विस्थापन और आजीविका को बचाने की गंभीर चुनौती है। वे चाहते हैं कि निगम प्रशासन उन्हें आगामी नए मल्टी कॉम्प्लेक्स में दुकानों के आवंटन के संबंध में लिखित आश्वासन दे ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे। निर्माण प्रक्रिया के दौरान उन्हें अपने कारोबार को अन्यत्र स्थापित करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि कम समय में नया स्थान ढूंढना और ग्राहकों का भरोसा जीतना आसान नहीं है। स्थानीय अभियंता ओपी यादव ने बताया कि इस आधुनिक भवन के तैयार होने से बाजार को पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे इलाके का कायाकल्प हो जाएगा। हालांकि, फिलहाल सभी आवंटितियों की मुख्य मांग यह है कि उन्हें काम पूरा होने के बाद नई दुकानों के आवंटन की ठोस गारंटी मिले। जब तक निगम प्रशासन उनकी रोजगार संबंधी चिंताओं पर कोई स्पष्ट विकल्प नहीं देता, तब तक कारोबारियों के बीच अनिश्चितता बनी रहेगी। इस परियोजना का उद्देश्य शास्त्री चौक के सौंदर्यीकरण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराना है।