जर्जर स्कूल भवन को गिराया गया
अलीगढ़ जिले के वार्ड नंबर 24 देवसैनी के तलाशपुर कला क्षेत्र में स्थित प्राइमरी स्कूल की इमारत को काफी जर्जर अवस्था के कारण तोड़ दिया गया है। स्कूल की खस्ताहाल स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके। यह प्राइमरी स्कूल स्थानीय बच्चों की शिक्षा का केंद्र था, लेकिन भवन की हालत काफी समय से चिंता का विषय बनी हुई थी। निर्माण कार्य इतना कमजोर हो चुका था कि उसे असुरक्षित मानकर गिराना ही एकमात्र विकल्प बचा था। अब उस स्थान पर नया ढांचा तैयार होने तक पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के लिए नई जगह की आवश्यकता है। स्थानीय ग्रामीणों के लिए यह स्कूल बहुत महत्वपूर्ण था और अब इसके न होने से क्षेत्र की शैक्षिक व्यवस्था पर असर पड़ा है। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने सरकारी अधिकारियों से हस्तक्षेप करने की अपील की है ताकि वहां के मतदाताओं को मतदान करने में कोई दिक्कत न आए।
विधायक ने लिया मामले का संज्ञान
बरौली के विधायक ठाकुर जयवीर सिंह इस मामले की जानकारी मिलने के तुरंत बाद सक्रिय हो गए। वे एक भंडारे में शामिल होने के लिए क्षेत्र में पहुंचे थे, जहां उन्हें स्थानीय निवासी लालाराम बघेल ने इस समस्या से अवगत कराया। विधायक ने तुरंत टूटी हुई बिल्डिंग का मुआयना किया और बंद गेट के बाहर से ही स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद रहकर स्थिति को गंभीरता से समझा और संबंधित अधिकारियों से तत्काल फोन पर बातचीत की। विधायक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मतदाताओं की सुविधा का ध्यान रखते हुए पोलिंग बूथों को पास के ही आंगनबाड़ी केंद्र और पंचायत घर में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। ठाकुर जयवीर सिंह ने वहां उपस्थित ग्रामीणों को यह भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे का स्थायी हल निकाला जाएगा। स्थानीय निवासियों ने उनकी त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है और वे अब इस प्रक्रिया के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि मतदान की व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
पोलिंग बूथ शिफ्टिंग की मांग
तलाशपुर कला क्षेत्र में स्कूल बिल्डिंग के गिरने से वहां चल रहे पोलिंग बूथ अब अपनी जगह से हट गए हैं। भविष्य के मतदान कार्यों को ध्यान में रखते हुए निवासियों ने चुनाव अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन से पोलिंग बूथों को सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित करने की मांग की है। आंगनबाड़ी केंद्र और पंचायत घर को इसके लिए सबसे उपयुक्त विकल्प माना जा रहा है क्योंकि ये स्थान क्षेत्र के नागरिकों के लिए सुलभ हैं। प्राइमरी स्कूल का जर्जर ढांचा काफी पहले से खतरे का संकेत दे रहा था, जिसे अब प्रशासन द्वारा आधिकारिक रूप से तोड़ दिया गया है। इस पूरे मामले में जनप्रतिनिधि की संलिप्तता ने ग्रामीणों की उम्मीदों को जगाया है कि जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था बहाल हो जाएगी। यह मुद्दा न केवल स्थानीय शिक्षा से जुड़ा है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सुगमता के लिए भी अनिवार्य है। स्थानीय प्रशासन अब भवन निर्माण और अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं को लेकर आगे की योजना पर कार्य करने की तैयारी कर रहा है ताकि क्षेत्रवासियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।