मोरहाबादी मैदान में एक्सपो उत्सव का आयोजन
राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में गुरुवार को एक विशेष आयोजन की शुरुआत हुई है। यहां जूनियर चैंबर इंटरनेशनल की तरफ से एक्सपो उत्सव का आयोजन किया गया है। इस भव्य कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया। आयोजन स्थल पर कुल चार सौ स्टॉल स्थापित किए गए हैं। इन स्टॉल पर विभिन्न प्रकार के बड़े ब्रांड्स, ऑटोमोबाइल, स्टार्ट-अप्स और ड्राई फ्रूट्स जैसी सामग्रियां उपलब्ध कराई गई हैं। मेले की एक बड़ी विशेषता महिलाओं के लिए बनाया गया पिंक हेंगर है। इस विशेष हेंगर में केवल महिला उद्यमियों को ही स्टॉल आवंटित किए गए हैं। आयोजन के बारे में जानकारी दी गई है कि यह उत्सव पूरे सात दिनों तक चलेगा और आगंतुकों के लिए सात अक्तूबर तक खुला रहेगा। राज्यपाल ने इस मौके पर अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन नए विचारों को एक सही दिशा प्रदान करते हैं। साथ ही यह उत्सव झारखंड के स्थानीय उत्पादों को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। राज्य के युवाओं की प्रतिभा को सही मंच देने के उद्देश्य से यह आयोजन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्थानीय उत्पादों और तसर सिल्क की विशेष संभावनाएं
राज्यपाल ने अपने संबोधन के दौरान राज्य के पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से तसर सिल्क का उल्लेख किया जिसकी अपनी एक अलग और विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि बेहतर गुणवत्ता, आकर्षक डिजाइन, आधुनिक तकनीकी सहायता और प्रभावी ब्रांडिंग के जरिए इन वस्तुओं को देश और दुनिया के बाजारों में स्थापित किया जा सकता है। उद्यमिता को आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और आर्थिक मजबूती का मुख्य आधार बताया गया है। राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य के युवाओं के पास प्रतिभा और नए विचारों की कोई कमी नहीं है। उन्हें केवल सही मार्गदर्शन, उपयुक्त अवसर और तकनीकी सहयोग की आवश्यकता है ताकि वे अपने नए उद्यम शुरू कर सकें। डिजिटल तकनीक, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के जरिए व्यापार के तौर-तरीकों में बहुत तेजी से बदलाव आया है। आज के समय में छोटे उद्यम भी तकनीक का उपयोग करके व्यापक स्तर पर ग्राहकों तक आसानी से पहुंच सकते हैं। इसके लिए कारोबारियों को गुणवत्ता, विश्वसनीयता और बेहतरीन ग्राहक सेवा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। व्यवसाय में सफलता हासिल करने के लिए उद्यमी को ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाना चाहिए क्योंकि ग्राहक का विश्वास किसी भी व्यापार की सबसे बड़ी पूंजी होती है।
विकसित भारत संकल्प में युवाओं की अहम भूमिका
देश के भविष्य को लेकर बात करते हुए राज्यपाल ने विकसित भारत दो हजार सैंतालीस के संकल्प का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस बड़े संकल्प को पूरा करने में युवा शक्ति, उद्यमिता, नवाचार और आत्मनिर्भरता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवाओं से सीधा आह्वान किया गया कि वे अपने अनोखे विचारों को प्रयोग और नए उद्यमों का रूप दें। उन्हें नई तकनीक सीखने के साथ-साथ समाज की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने चाहिए। उद्यमियों को अपने मुख्य व्यवसाय के अलावा शिक्षा और सामाजिक विकास जैसे अन्य क्षेत्रों में भी अपना सकारात्मक योगदान देना चाहिए। आधुनिक तकनीक के इस दौर में छोटे से छोटा कारोबारी भी वैश्विक बाजार से जुड़ सकता है बशर्ते उसकी नीयत और गुणवत्ता सही हो। आयोजकों की तरफ से इस सात दिवसीय उत्सव को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रांची के लोग इस मेले में पहुंचकर विभिन्न उत्पादों का अवलोकन कर रहे हैं और महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए पिंक हेंगर की भी सराहना कर रहे हैं। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलता है बल्कि नए उद्यमियों को भी आगे आने का बड़ा अवसर प्राप्त होता है।