इलाज के लिए ताला देख लौट रहे ग्रामीण
हाजीपुर न्याय पंचायत के अंतर्गत आने वाले सुरहा गांव में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई हैं। यहां संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पिछले तीन सप्ताह से निरंतर बंद पड़ा है। मौसम में हो रहे अचानक बदलाव की वजह से स्थानीय स्तर पर वायरल बुखार और मौसमी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है। ऐसे में बड़ी संख्या में बीमार ग्रामीण प्राथमिक उपचार की उम्मीद लेकर इस केंद्र पर पहुंचते हैं। परंतु केंद्र के मुख्य द्वार पर लटका हुआ ताला देखकर उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। ग्रामीण इस बात से खासे नाराज हैं कि सरकारी दावों के बावजूद उन्हें बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा तक नसीब नहीं हो रही है। केंद्र के लंबे समय से बंद रहने के कारण क्षेत्र के लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बंद होने से किसी भी आपात स्थिति में मरीजों की जान पर बन आई है और वहां सन्नाटा पसरा रहता है।
निजी अस्पतालों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ
केंद्र के बंद होने की वजह से सुरहा गांव के निवासियों की मुश्किलें दोगुनी हो गई हैं। प्राथमिक उपचार के लिए अब उन्हें मजबूरन काफी दूर स्थित स्वास्थ्य केंद्रों या महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। सामान्य बीमारियों के लिए भी ग्रामीणों को लंबा सफर तय करना पड़ता है जिससे इलाज में काफी समय बर्बाद हो रहा है। निजी अस्पतालों में उपचार कराने की मजबूरी ने गरीब परिवारों की कमर तोड़ दी है और उन पर आर्थिक बोझ का भारी दबाव बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यप्रणाली पर ग्रामीण अब खुलकर सवाल खड़े कर रहे हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि घर के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का सरकारी उद्देश्य पूरी तरह विफल हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले पर अभी तक पूरी तरह खामोश बने हुए हैं। आम जनता को मिलने वाली मुफ्त चिकित्सा सुविधा अब सिर्फ कागजों तक ही सीमित होकर रह गई है।
अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने अब स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की सख्त मांग की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को तुरंत प्रभाव से इस केंद्र को दोबारा खुलवाना चाहिए। इसके अलावा वहां स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना भी बेहद आवश्यक हो गया है ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। केंद्र में दवाओं की उपलब्धता न होना भी एक बड़ी समस्या है जिसे प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाना चाहिए। मरीजों के परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते स्वास्थ्य केंद्र चालू नहीं हुआ तो बड़ी स्वास्थ्य समस्या पैदा हो सकती है। केंद्र पर ताला लगे रहने से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश पनप रहा है। वे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली के प्रति अपनी नाराजगी जताते हुए इसे घोर लापरवाही का मामला बता रहे हैं। संबंधित विभाग से यह उम्मीद की जा रही है कि वे जल्द ही स्वास्थ्यकर्मी की तैनाती सुनिश्चित करेंगे।