सुबह के वक्त वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पैदल मार्च
उत्त्तर प्रदेश के अंतर्गत आने वाले प्रमुख शहर लखनऊ में त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी सिलसिले में सोमवार की सुबह एक बड़ा निरीक्षण अभियान चलाया गया। पश्चिमी जोन के पुलिस उपायुक्त जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने तमाम पुलिस अधिकारियों और जवानों को साथ लेकर शहर के पुराने हिस्सों में पैदल गश्त की। इस पूरी निरीक्षण प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य आने वाले त्योहार के मद्देनजर सुरक्षा के सभी पहलुओं को बारीकी से परखना और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचना था। सुबह के समय अचानक अधिकारियों के सड़कों पर उतरने से पुलिस बल की सक्रियता साफ तौर पर दिखाई दी। गश्त के दौरान अधिकारियों ने न केवल कानून व्यवस्था का जायजा लिया बल्कि आम नागरिकों और व्यापारियों के बीच सुरक्षा का भरोसा भी कायम किया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने इलाके के चप्पे चप्पे की निगरानी की और हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखी ताकि पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
निरीक्षण दल में शामिल अधिकारी और मार्ग
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए निकाले गए इस पैदल मार्च में पश्चिमी जोन के कई वरिष्ठ और जिम्मेदार अधिकारी शामिल रहे। पुलिस उपायुक्त के साथ इस गश्त अभियान में अपर पुलिस उपायुक्त पश्चिमी, सहायक पुलिस आयुक्त चौक तथा थाना चौक के प्रभारी निरीक्षक सहित भारी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। यह पूरी पुलिस टीम शहर के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक माने जाने वाले मार्गों से होकर गुजरी। सुरक्षा जांच का यह सिलसिला रूमी गेट से शुरू हुआ और वहां से आगे बढ़कर घंटाघर, कोनेश्वर तिराहा तथा चौक चौराहे से होते हुए सर्राफा मार्केट तक पहुंचा। इन सभी चिन्हित स्थानों पर अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को परखा। इस दौरान मुख्य सड़कों के अलावा तमाम प्रमुख बाजारों और भारी भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा को विशेष तौर पर जांचा गया। अधिकारियों ने पैदल चलते हुए रास्ते में पड़ने वाली हर छोटी बड़ी व्यावसायिक गतिविधि और लोगों की आवाजाही का बारीकी से मुआयना किया ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार रह सके।
त्योहारी सीजन में पुलिस की बढ़ती सक्रियता और महत्व
शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर बाजारों में उमड़ने वाली भारी भीड़ और श्रद्धालुओं के लगातार आने जाने के कारण पुलिस प्रशासन की सक्रियता को बेहद जरूरी माना गया है। त्योहार के इन दिनों में लोग बड़ी संख्या में खरीदारी करने के लिए निकलते हैं जिससे मुख्य बाजारों और धार्मिक स्थलों के आसपास भारी चहल पहल रहती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अपनी गश्त और चौकसी बढ़ा दी है। पुराने लखनऊ के इन पारंपरिक बाजारों में सर्राफा और अन्य दुकानों पर ग्राहकों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का यह पैदल मार्च यह सुनिश्चित करने के लिए था कि त्योहार के दौरान बाजार आने वाले सभी श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को पूरी तरह सुरक्षित माहौल मिल सके। इस प्रकार की लगातार निगरानी से असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगता है और शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलती है। पुलिस बल की यह मुस्तैदी आने वाले दिनों में भी त्योहार की समाप्ति तक इसी प्रकार जारी रहने की संभावना है ताकि लोग बिना किसी डर के उत्सव मना सकें।