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उच्चस्तरीय दौरा: मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास ने जोधपुर में हाईकोर्ट के नए भवन का किया निरीक्षण
राजस्थान के मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास ने अपने जोधपुर दौरे के दौरान नवनिर्मित हाईकोर्ट परिसर का जायजा लिया और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा की।
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Ankit Yadav
05 सित 2026, 12:57
राज्य के प्रशासनिक महकमे में उस समय हलचल तेज हो गई जब मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास ने अपने आधिकारिक जोधपुर दौरे के अंतर्गत नवनिर्मित उच्च न्यायालय भवन का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य हाल ही में तैयार हुए इस विशाल और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे की मजबूती, तकनीकी मानकों और समग्र निर्माण गुणवत्ता का बारीकी से परीक्षण करना था। न्यायिक कार्यों के संचालन के लिए बनने वाले ऐसे महत्वपूर्ण भवनों में सुरक्षा के पैमाने सर्वोपरि होते हैं, और इसी बात को ध्यान में रखते हुए शीर्ष स्तर पर समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई।
सुरक्षा और गुणवत्ता पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने भवन के प्रत्येक हिस्से का दौरा किया और वहां उपयोग की गई सामग्रियों की गुणवत्ता का जायजा लिया। इस उच्च स्तरीय दौरे में उनके साथ कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद रहे, जिन्होंने निर्माण कार्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक के दौरान इस बात पर विशेष रूप से मंथन किया गया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। न्यायिक परिसर की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन निकास मार्गों का भी विशेष रूप से परीक्षण किया गया ताकि वकीलों, जजों और आम जनता के लिए आवागमन पूरी तरह सुरक्षित और सुगम हो सके।
समयसीमा और आगामी योजनाएं
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस नए परिसर को जल्द ही पूरी तरह से क्रियाशील करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों और निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि निर्माण कार्य में कोई छोटी-मोटी कमी शेष है, तो उसे तय समय सीमा के भीतर युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। जोधपुर में इस नए उच्च न्यायालय भवन के शुरू होने से न्यायिक प्रक्रिया में और अधिक गति आने की उम्मीद है, क्योंकि पुराने परिसर में जगह की कमी और बढ़ती फाइलों के कारण लगातार दबाव बढ़ रहा था। इस अत्याधुनिक परिसर के शुरू होने से न केवल न्यायिक अधिकारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि न्याय की आस में आने वाले आम नागरिकों को भी राहत महसूस होगी।
दौरे के अंत में मुख्य सचिव ने स्थानीय अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक भी की, जिसमें भवन के रख-रखाव, साफ-सफाई और भविष्य की प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रकार के सार्वजनिक और न्यायिक महत्व के प्रोजेक्ट्स में गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। इस निरीक्षण से यह साफ हो गया है कि राज्य सरकार जोधपुर हाईकोर्ट के इस नए भवन के लोकार्पण और संचालन को लेकर पूरी तरह गंभीर है और सभी सुरक्षात्मक पहलुओं को पुख्ता करने के बाद ही इसे पूरी क्षमता के साथ जनता और न्यायपालिका को समर्पित किया जाएगा।